Gold Silver Rates Today: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. वीकेंड यानी शनिवार-रविवार की बंदी के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही सोने-चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिल रही है. शेयर मार्केट में हल्की गिरावट और क्रूड ऑयल की कीमतों में मामूली चढ़ाव के बीच घरेलू कमोडिटी मार्केट MCX पर गोल्ड-सिल्वर के दाम (MCX Gold Price, MCX Silver Price) में गिरावट देखने को मिली है.सोमवार को करीब 9:50 बजे 5 अगस्त की डिलीवरी वाला गोल्ड 0.44 फीसदी या 644 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,518 रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा, जबकि 3 जुलाई की डिलीवरी वाला सिल्वर 0.57 फीसदी या 1,258 रुपये की गिरावट के साथ 1,20,146 रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा.
इंटरनेशनल मार्केट में भी गिर गए दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी के भाव में गिरावट देखी जा रही है. गोल्ड के भाव, सोमवार को करीब 4,050 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गए. इसके साथ ही पिछले दो दिनों से सोने में आ रही तेजी थम गई. फिलहाल सोने की कीमतें 4076.70 डॉलर (-0.40%) के आसपास बनी हुई हैं. वहीं दूसरी ओर चांदी 1.29% की गिरावट के साथ 58.80 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रही है. इस समय सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर नजर आ रहा है.
दरअसल, हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है. बढ़ती महंगाई की आशंकाओं के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में कमी आई है.
एक्सपर्ट का क्या कहना है?
केडिया एडवाइजरी के अनुसार, अमेरिकी पीसीई (PCE) महंगाई के हालिया आंकड़े उम्मीदों के अनुरूप रहे हैं, जिसके बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को थोड़ा कम कर दिया है. अब बाजार की नजरें मौद्रिक नीति के अगले संकेतों के लिए आगामी अमेरिकी नौकरियों की रिपोर्ट और आईएसएम (ISM) मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़ों पर टिकी हैं. केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया के अनुसार, बाजार में इस समय सतर्कता का माहौल है, जहां ऊर्जा की कीमतों में मामूली सुधार दिख रहा है, वहीं कीमती धातुओं में मुनाफावसूली के कारण मामूली गिरावट है.
कच्चे तेल को लेकर भी बहुत राहत नहीं
दूसरी ओर, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में सुधार देखा गया है और यह सोमवार को बढ़कर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हॉरमुज़ जलडमरूमध्य में हमलों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंकाओं से कच्चे तेल को निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली है. तनाव की शुरुआत तब हुई जब ईरान ने एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिका ने भी जवाबी हमले किए. इसके बाद शनिवार को तेहरान द्वारा कतरी तेल ले जा रहे एक जहाज पर हमला करने के बाद दोनों ओर से फिर हिंसक झड़पें हुईं. हालांकि, इस टकराव के बावजूद दोनों देश इस सप्ताह कतर के दोहा में होने वाली शांति वार्ता से पहले किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमत हो गए हैं.
आगे क्या है उम्मीद?
अंतरिम शांति समझौते के बाद हॉरमुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते जहाजों की आवाजाही में थोड़ा सुधार तो हुआ है, लेकिन फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में अभी भी सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं, जिससे जहाज मालिक और कारोबारी बेहद सतर्कता बरत रहे हैं. तेल और सोने के इस बाजार चक्र के बीच कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है. फिलहाल सोने और चांदी पर न्यूट्रल रुख बना हुआ है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अब निवेशकों की नजरें इस हफ्ते होने वाली दोहा शांति वार्ता के नतीजों पर हैं, जिससे कच्चे तेल और सर्राफा बाजार की अगली दिशा तय होगी.
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