मध्यप्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है. निर्वाचन आयोग ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा कर दी है. यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा उन्हें 28 साल पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर सीट को रिक्त घोषित कर दिया था. अब इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के साथ परिणाम घोषित किए जाएंगे. उपचुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है.
चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी. इसके बाद उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे. निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के साथ चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे. राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है.

Datia Assembly Bypoll Election 2026: उपचुनाव की तारीखें
चुनाव कार्यक्रम एक नजर में
- अधिसूचना जारी: 6 जुलाई 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि: 13 जुलाई 2026
- मतदान: 30 जुलाई 2026
- मतगणना व परिणाम: 3 अगस्त 2026
राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने से खाली हुई सीट
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद रिक्त हुई है. दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने 1 अप्रैल को एक पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी. सजा दो वर्ष से अधिक होने के कारण विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी. इसके बाद दतिया सीट रिक्त घोषित कर दी गई और उपचुनाव की स्थिति बनी.
नरोत्तम मिश्रा को हराकर बने थे विधायक
राजेंद्र भारती की जीत प्रदेश राजनीति में काफी चर्चित रही थी. उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था. इसी कारण अब होने वाला उपचुनाव राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा इस सीट को दोबारा हासिल करने का प्रयास करेगी, जबकि कांग्रेस इसे बचाने की चुनौती से जूझेगी.
क्या है 28 साल पुराना मामला?
मामला वर्ष 1998 का बताया जाता है. शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार दतिया में राजेंद्र भारती की मां के नाम पर संचालित एक संस्था ने ग्रामीण बैंक में 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई थी. आरोप है कि तीन वर्ष की एफडी को नियमों के विरुद्ध बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया और उस पर नियमित रूप से धनराशि निकाली जाती रही. अदालत ने इसे बैंक से धोखाधड़ी का मामला मानते हुए सजा सुनाई. हालांकि बचाव पक्ष का कहना है कि मामला बेहद पुराना है और इसके पीछे राजनीतिक कारण भी हैं.
क्या बहाल हो सकती है विधायकी?
विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह के अनुसार कानून स्पष्ट है कि किसी भी जनप्रतिनिधि को दो साल से अधिक की सजा होने पर उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है.
दतिया में मुकाबला होगा दिलचस्प
दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रदेश की सियासी दिशा और संगठनात्मक ताकत की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है. कांग्रेस के लिए यह सीट बचाना प्रतिष्ठा का प्रश्न है, जबकि भाजपा इसे अपने मजबूत गढ़ में वापसी के अवसर के रूप में देख रही है. राजनीतिक दलों की नजर अब उम्मीदवार चयन और चुनावी समीकरणों पर टिक गई है.
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