आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के श्री राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है. उन्होंने मंदिर निर्माण, जमीन खरीद और चढ़ावे से जुड़ी घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की एक विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि राम भक्तों की आस्था को ठेस न पहुंचे.
केजरीवाल ने कुछ कागजातों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 2 करोड़ रुपये की एक जमीन महज 10 मिनट के भीतर मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपये में बेची गई. उन्होंने दावा किया कि इसी तरह 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में और 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ रुपये में बेची गई.
उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ इंजीनियरों का आरोप है कि टेंडरों को पास करने के लिए 40% तक का कमीशन मांगा गया था. केजरीवाल ने कहा कि चढ़ावे में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं जो सीसीटीवी में भी कैद हुई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच से बचने के लिए कथित तौर पर 8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई है.
केजरीवाल ने हाल ही में गठित एसआईटी (SIT) की जांच के दायरे को सीमित बताते हुए उस पर सवाल उठाए हैं. उनके अनुसार, एसआईटी केवल चढ़ावे की चोरी की जांच कर रही है और जमीन या निर्माण से जुड़े बड़े घोटालों की जांच नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि हाल ही में जिन 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है वे केवल 'प्यादे' हैं और पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए रिमांड तक नहीं मांगी है.
बृजभूषण और बाबा बागेश्वर धाम जैसे लोगों के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में कई रसूखदार और बड़े लोग शामिल हो सकते हैं, जिनका नाम लेने से भी लोग डर रहे हैं.
केजरीवाल ने अपनी बात समाप्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि करोड़ों देशवासियों की आस्था राम मंदिर से जुड़ी हुई है, इसलिए इस पूरे मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए और पर्दे के पीछे छिपे असली दोषियों को बेनकाब कर सख्त सजा दी जानी चाहिए.
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