दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही जिले का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है. चुनाव आयोग की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं. इस बीच, पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का 2023 विधानसभा चुनाव में हार के बाद दिया गया बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है. उनका "मैं लौटकर आऊंगा, ये वादा है" वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
कांग्रेस ने भी तेज की चुनावी तैयारियां
उपचुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का दतिया दौरा प्रस्तावित है, जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. इसके साथ ही कार्यकर्ताओं का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा. पार्टी इस सीट को अपने पास बनाए रखने के लिए संगठन स्तर पर सक्रिय हो गई है और चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है.
फिर चर्चा में आया नरोत्तम मिश्रा का बयान
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा था, "समुद्र का पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना... मैं लौटकर आऊंगा, ये वादा है." दतिया उपचुनाव की घोषणा के बाद यह बयान फिर वायरल हो रहा है. भाजपा कार्यकर्ता इसे मिश्रा की राजनीतिक वापसी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष भी इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है. हालांकि, भाजपा ने अभी तक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला नहीं किया है.
भाजपा का दावा, फिर खिलेगा कमल
भाजपा नेताओं का दावा है कि प्रदेश का माहौल पार्टी के पक्ष में है और दतिया सीट पर एक बार फिर कमल खिलने वाला है. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत पार्टी के कई नेता लगातार जीत का दावा कर रहे हैं. भाजपा इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा का मुकाबला मानकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.
चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी. उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे. 16 जुलाई नाम वापसी की अंतिम तारीख होगी. दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे.
चुनाव की टाइमिंग पर सियासत
उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं. वहीं, स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का कहना है कि यह उपचुनाव न्यायालय के फैसले के बाद कराया जा रहा है, इसलिए कांग्रेस को चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठाने चाहिए.
कांग्रेस नहीं लेना चाहती कोई जोखिम
कांग्रेस इस बार उम्मीदवार चयन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है. पार्टी हाल के संगठनात्मक विवादों और चुनावी प्रक्रियाओं में सामने आई चुनौतियों से सबक लेकर आगे बढ़ रही है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह का कहना है कि इस बार पार्टी पूरी सावधानी के साथ चुनाव लड़ेगी. उन्होंने भाजपा पर डमी उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस के वोटों को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया.
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