- पंकज ने अपनी पत्नी आरती की पढ़ाई पूरी कराने के लिए कपड़ों का शोरूम बंद कर बच्चों की परवरिश की.
- पत्नी ने पोस्ट ग्रेजुएशन, बीएड समेत कई डिग्री प्राप्त कर सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर नियुक्ति पाई.
- नौकरी मिलने के बाद पत्नी के व्यवहार में बदलाव आया और वह पति के साथ रहने को तैयार नहीं है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से पति-पत्नी के रिश्ते में आई खटास का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है. महोबा निवासी एक युवक का आरोप है कि उसने पत्नी के बेहतर भविष्य के लिए अपना कपड़ों का शोरूम तक बंद कर दिया, बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली और अपनी बचत लगाकर पत्नी की पढ़ाई पूरी करवाई.
उसका कहना है कि पत्नी के सरकारी शिक्षिका बनने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं और अब वह उसके साथ रहने को तैयार नहीं है. मामला इतना बढ़ गया कि विवाद मारपीट तक पहुंच गया और युवक को इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा. फिलहाल मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.
रणधीर सिंह परमार की रिपोर्ट...
2018 में हुई थी शादी, तीन बच्चों का है परिवार
पीड़ित पंकज के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2018 में पठापुर निवासी आरती अहिरवार से हुई थी. शादी के बाद दोनों का परिवार बढ़ा और आज उनके दो बेटियां और एक बेटा हैं. पंकज का कहना है कि शुरुआती वर्षों में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था और परिवार का जीवन ठीक तरह से चल रहा था.
कोरोना काल में बंद करना पड़ा शोरूम
पंकज महोबा में कपड़ों का शोरूम चलाता था. उसके मुताबिक कोरोना महामारी के दौरान कारोबार को भारी नुकसान हुआ. इसी दौरान पत्नी ने आगे पढ़ाई करने और नौकरी की तैयारी करने की इच्छा जताई. पंकज का दावा है कि उसने पत्नी का साथ देने के लिए अपना कारोबार छोड़ दिया और घर पर रहकर बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली.
पढ़ाई से लेकर नौकरी तक हर कदम पर दिया साथ
पंकज का कहना है कि शादी के बाद पत्नी ने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की, बीएड किया और अन्य डिग्री-डिप्लोमा भी हासिल किए. इन सबमें लगने वाला खर्च उसने उठाया. उसका दावा है कि परिवार की जमा पूंजी और अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा पत्नी की शिक्षा पर खर्च किया. लंबे समय की मेहनत के बाद पत्नी की सरकारी स्कूल में शिक्षिका के पद पर नियुक्ति हो गई.
नौकरी लगने के बाद बदले व्यवहार के आरोप
पति का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया. उसका कहना है कि अब पत्नी उसे अपने साथ नहीं रखना चाहती और बार-बार घर छोड़कर जाने के लिए कहती है. पंकज के अनुसार वह बच्चों को छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहता, इसलिए दोनों के बीच विवाद बढ़ता चला गया.
मारपीट और धमकी देने का आरोप
पंकज ने आरोप लगाया है कि जब उसने पत्नी के साथ रहने की बात कही तो पत्नी और उसके भाई ने उसके साथ मारपीट की. इतना ही नहीं, उसने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी के परिजन उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. युवक का कहना है कि हाल ही में हुए विवाद के दौरान उसके साथ फिर मारपीट की गई.
अस्पताल पहुंचा पीड़ित
मारपीट का आरोप लगाने के बाद पंकज इलाज के लिए छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां उसका उपचार किया. अस्पताल में उसने अपनी पूरी आपबीती बताई और पत्नी तथा ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. घटना के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
पति द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला अब थाने तक पहुंच चुका है. फिलहाल यह आरोप केवल पति की ओर से लगाए हैं. विवाद की वास्तविक वजह क्या है, मारपीट हुई या नहीं, और दोनों पक्षों के दावों में कितनी सच्चाई है, इसका स्पष्ट पता पुलिस जांच और तथ्यों की पड़ताल के बाद ही चल सकेगा.
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