मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में जुझारनगर थाना क्षेत्र से सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है. मामला खुड़ेरी गांव के एक परिवार से जुड़ा है, जहां जमीन की रजिस्ट्री के विवाद में दो भाइयों ने अपने बड़े भाई का अपहरण कर लिया था.
क्या था मामला
जानकारी के अनुसार, मुन्ना उर्फ देवीप्रसाद अग्निहोत्री ने छोटे भाई देवेन्द्र सिंह से जमीन की रजिस्ट्री कराने के नाम पर कुछ रुपये लिए थे. हालांकि, रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और न ही ली गई राशि वापस की जा सकी. इसी विवाद के चलते 11 मई 2019 को दोपहर करीब तीन बजे देवेन्द्र सिंह अपने भाई प्रमोद सिंह और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ सफेद रंग की चारपहिया वाहन से बड़े भाई देवीप्रसाद के घर पहुंचा. घर का फाटक खुला होने का फायदा उठाते हुए चारों लोग भीतर घुस गए और देवीप्रसाद को जबरन वाहन में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले गए.
जमीन हड़पना चाहते थे आरोपी
परिजनों ने विरोध किया तो आरोपियों ने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद ही उसे छोड़ा जाएगा. आरोप था कि आरोपी कम कीमत में जमीन हड़पने की नीयत से देवीप्रसात को अगवा कर ले गए. घटना के समय गांव के मोहन सिंह, दद्दू सिंह और उज्जवल सिंह ने भी घटना को होते देखा.
अपहरण की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने जांच शुरू की और विवेचना के दौरान कई लोगों के बयान दर्ज किए गए. पुलिस ने अपहृत देवीप्रसाद को सकुशल बरामद कर लिया गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने पूरी जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया.
अपर सत्र न्यायाधीश एवं अतिरिक्त न्यायाधीश मोहम्मद अरशद ने आरोपी देवेन्द्र सिंह एवं प्रमोद सिंह को आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया. न्यायालय के इस फैसले को क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भूमि विवादों में कानून हाथ में लेने वालों को कड़ा संदेश गया है.
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