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बुरहानपुर का केला दुनिया भर छाएगा, 12 साल बाद मिली गुड न्यूज से 18 हजार किसानों को फायदा

बुरहानपुर के केला को जीआई टैग मिल गया है. इस सफलता से जिले में 18 हजार से अधिक केला किसानों को फायदा हुआ है.

बुरहानपुर का केला दुनिया भर छाएगा, 12 साल बाद मिली गुड न्यूज से 18 हजार किसानों को फायदा
बुरहानपुर के केले को मिला जीआई टैग, दुनिया भर में पहुंची यहां की मिठास.

बुरहानपुर: मध्य प्रदेश में केले की सबसे अधिक पैदावार बुरहानपुर में होती है, यहां प्रदेश की एक मात्र केला मंडी भी है. जिले के हजारों केले के   बागों से निकलने वाला केला उत्तर भारत और कश्मीर में काफी पसंद किया जाता है. साथ ही, खाडी देशों में भी यहां के केले की मांग है. लेकिन, अब यहां केले की मिठास दुनिया के कई और देशों में भी पहुंचेगी, इसकी वहज ये है कि जिले के केले को वैश्विक पहचान के रूप में जीआई टैग मिल गया है. करीब 12 साल के प्रयास के बाद मिली इस सफलता से जिले में 18 हजार से अधिक केला किसानों को फायदा हुआ है.

बुरहानपुर में केले की कितनी पैदावार?  

जिले में वर्तमान में करीब 18,640 किसान केले की खेती से जुड़े हुए हैं. यहां 26,120 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की खेती की जा रही है, जिससे लगभग 18,28,400 मीट्रिक टन केले का उत्पादन सालाना होता है. जिले के केले की मांग देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों में लगातार बढ़ रही है, जीआई टैग मिलने से इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है. 

केला किसानों को मिली खुशखबरी.

केला किसानों को मिली खुशखबरी.

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जीआई टैग मिलने से किसानों को क्या फायदा होगा?  

जीआई टैग मिलने से बुरहानपुर के केले को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान प्राप्त होगी. इससे किसानों और व्यापारियों को कई लाभ मिलेंगे. जो इस प्रकार हैं... 

  • उत्पाद की ब्रांड वैल्यू में वृद्धि होगी. 
  • किसानों को उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा.
  • नकली एवं अन्य क्षेत्रों के उत्पादों से संरक्षण मिलेगा.
  • निर्यात के नए अवसर विकसित होंगे.
  • कृषि आधारित उद्योगों एवं प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा.
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.

जिले में 55 से अधिक केला प्रोसेसिंग इकाइयां 

जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जिले में 55 से अधिक केला प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है. इन इकाइयों में केले से विभिन्न प्रकार के मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की मांग में भी वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को नई गति मिलेगी. 

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किसानों ने उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया

किसान राजेंद्र महाजन ने जिले के केले को जीआई टैग मिलने की उपलब्धि को कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया. साथ ही, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार भी जताया.

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(शारिक अख्तर दुर्रानी की रिपोर्ट) 

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