10 Photo of Bhojshala: भोजशाला और कमल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहे लंबे कानूनी संघर्ष को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक निर्णायक मोड़ दे दिया है. कोर्ट ने ASI की सर्वे रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कहा है कि भोजशाला परिसर-कमाल मस्जिद का विवादित क्षेत्र एक मंदिर और संस्कृत शिक्षा का केंद्र है. केंद्र सरकार देवी सरस्वती की मूर्ति ला सकती है. साथ ही कोर्ट ने हिंदू पक्ष को यहां पूजा का अधिकार दे दिया है.
फैसले के बाद शनिवार सुबह श्रद्धालुओं ने भोजशाला पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना की. लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. इस दौरान भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि भोजशाला का कण-कण यह दर्शाता है कि यह एक मंदिर है.
दरअसल, भोजशाला एक मंदिर है, इसे लेकर हिंदू पक्ष ने हाई कोर्ट का रुख किया था और वहां हिंदुओं का मंदिर होने का दावा किया था. हिंदू पक्ष ने केस में सबूत के तौर पर कई तस्वीरें पेश की थी, जो एक मंदिर होने का सबूत दे रही थीं... आप भी भोजशाला में मौजूद इन तस्वीरों को यहां देख सकते हैं...

Bhojshala: भोजशाला परिसर के अंदर काले पत्थर पर ॐ सरस्वत्यै नमः (Photo Credit: Sabir Khan)
भोजशाला परिसर के अंदर काले पत्थर पर ॐ सरस्वत्यै नमः लिखा था, जो हिंदू पक्ष के दावे का आधार बना. यह माता सरस्वती का एक अत्यंत शक्तिशाली बीज मंत्र है.

Bhojshala: भोजशाला के मुख्य शिखर के अंदर अष्टदल कमल. (Photo Credit: Anurag Dwary)
भोजशाला के मुख्य शिखर के अंदर अष्टदल कमल का नक्काशी है, जो पवित्रता, समृद्धि, देवी लक्ष्मी की कृपा और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है. हिंदू धर्म में ये ब्रह्मांडीय सामंजस्य को दर्शाने के लिए उकेरा जाता है.

Bhojshala: भोजशाला के अंदर स्तंभों पर विभिन्न हिंदू देवी देवताओं की नक्काशी है... (Photo Credit: Ajay Sharma)
भोजशाला के अंदर स्तंभों पर विभिन्न हिंदू देवी देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं उकेरी गई हैं, जो आज भी मौजूद है.

स्तंभों पर शंख चक्र चिह्न (Photo Credit: Anurag Dwary)
इन स्तंभों पर शंख चक्र चिह्न भी मौजूद हैं. यह मुख्य रूप से भगवान विष्णु के पवित्र प्रतीक हैं, जो सृष्टि, समय, धर्म और दैवीय सुरक्षा को दर्शाते हैं.

हवन कुंड भोजशाला परिसर के मध्य हवन कुंड स्थित है.
हवन कुंड भोजशाला परिसर के मध्य स्थित है. हिंदू धर्म में इसका उपयोग यज्ञ, होम और अनुष्ठानों के लिए किया जाता है.

भोजशाला: नष्ट किए गए स्तंभ.... (Photo Credit: Ajay Sharma)
भोजशाला के अंदर नष्ट किए गए स्तंभ आज भी मौजूद है, जिस पर विभिन्न हिंदू देवी देवताओं की नक्काशी है.

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