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छत्तीसगढ़: गृहमंत्री अमित शाह ने की प्रेसवार्ता, कहा- कांग्रेस ने नक्सलवाद की लड़ाई में साथ नहीं दिया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में प्रेसवार्ता कर नक्सलवाद को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले देश नक्सलमुक्त हो चुका है और इसका श्रेय सुरक्षा बलों को जाता है. शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने इस लड़ाई में साथ नहीं दिया.

छत्तीसगढ़: गृहमंत्री अमित शाह ने की प्रेसवार्ता, कहा- कांग्रेस ने नक्सलवाद की लड़ाई में साथ नहीं दिया

Amit Shah Press Conference: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. इस दौरे के आखिरी दिन 19 मई को अमित शाह ने जगदलपुर में प्रेसवार्ता की और नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश को नक्सलमुक्त बनाने की लड़ाई में कांग्रेस सरकार ने साथ नहीं दिया. शाह के अनुसार, अब बस्तर में हालात बदल चुके हैं और यहां के लोग डर के साए से निकलकर विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं.

जगदलपुर में हुई अहम प्रेसवार्ता

जगदलपुर में आयोजित इस प्रेसवार्ता में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे. इस दौरान शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही रणनीति और सरकार की योजनाओं पर विस्तार से बात की.

नक्सलवाद खत्म करने का श्रेय सुरक्षाबलों को- शाह 

अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे का पूरा श्रेय सुरक्षा बलों को जाता है. उन्होंने कहा कि जवानों ने अपने सर्वोच्च बलिदान देकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया है. उन्होंने दोहराया कि नक्सलमुक्त भारत बनाने में उनकी भूमिका सबसे अहम रही है.

कांग्रेस पर साधा निशाना

प्रेसवार्ता के दौरान शाह ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में कभी पूरा सहयोग नहीं दिया. उनके मुताबिक, अगर पहले ही सख्त कदम उठाए जाते तो हालात और पहले बदल सकते थे.

सेवा डेरा बनेगा विकास का आधार

गृहमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब ‘सेवा डेरा' के जरिए विकास की नई शुरुआत की जाएगी. उन्होंने कहा कि इन सेवा डेरे के माध्यम से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे.

स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक सभी सुविधाएं

शाह ने कहा कि सेवा डेरा में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूल, आंगनवाड़ी और राशन जैसी सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. इसका मकसद है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक सरकारी सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें.

आर्थिक मजबूती पर भी जोर

उन्होंने कहा कि सेवा डेरा को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे आर्थिक गतिविधियों का केंद्र भी बनाया जाएगा. आदिवासी महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ा जाएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.

डेयरी नेटवर्क का होगा विस्तार

अमित शाह ने बताया कि बस्तर में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए NDDB के साथ समझौता किया गया है. इसके तहत आदिवासी परिवारों को गाय और भैंस दी जाएगी, जिससे उनकी आय बढ़े और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें. उन्होंने बताया कि पहले बनाए गए 200 सुरक्षा कैंपों में से पहले चरण में 70 कैंपों को ‘वीर शहीद सेवा डेरा' में बदला जाएगा. इसका उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास को भी मजबूत करना है.

नक्सलमुक्त भारत की तय समयसीमा

गृहमंत्री ने जानकारी दी कि 24 अगस्त 2024 को हुई DG स्तर की बैठक में नक्सलमुक्त भारत का लक्ष्य तय किया गया था. उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद का समूल खात्मा हो चुका है और 19 मई 2026 की तारीख भी इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई है.

बस्तर में बदला हुआ माहौल

अमित शाह ने कहा कि अब बस्तर में लोगों के बीच विश्वास का माहौल है. उन्होंने कहा कि बंदूक के साये में जीने का समय खत्म हो चुका है और अब यहां के लोग विकास और खुशहाली की ओर बढ़ रहे हैं. उनके मुताबिक, बस्तर का नक्सलमुक्त होना पूरे देश के लिए खुशी की बात है.
 

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