
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप में किया गया है.
नई दिल्ली:
झारखंड उच्च न्यायालय से शुक्रवार को कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को उस समय बड़ा झटका लगा जब न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने रंगदारी मांगने के एक मामले में निचली अदालत की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी.रंगदारी मांगने एक मामले में निचली अदालत ने योगेंद्र साव को ढाई वर्ष कैद की सजा सुनाई है. इसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय में अर्जी दी थी. फिलहाल योगेंद्र साव होतवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं.पूर्व में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. शुक्रवार को न्यायाधीश राजेश शंकर की अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया और साव की याचिका को खारिज कर दिया.
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