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This Article is From Jul 24, 2017

नफरत की ताकतों को शिकस्त देने के लिए मोहब्बत की ताकतों को मजबूत करना होगा: वसीम बरेलवी

वसीम बरेलवी को पिछली सरकार ने कला साहित्य के क्षेत्र में विधानपरिषद के लिये नामित किया था. उनका कहना है कि कवियत्री महादेवी वर्मा के बाद वह दूसरे साहित्यकार है जो कला साहित्य के क्षेत्र से उप्र विधानपरिषद में नामित किये गये हैं.

नफरत की ताकतों को शिकस्त देने के लिए मोहब्बत की ताकतों को मजबूत करना होगा: वसीम बरेलवी
बरेलवी ने अपनी बात की शुरूआत एक शेर से की 

‘‘वह मेरे चेहरे तक अपनी नफरतें लाया था, मैंने उसके हाथ चूमे और बेबस कर दिया.’’ 

उन्होंने कहा- नफरत की उम्र कम है-कालिदास, प्रेमचंद्र और गालिब का वंशज हूं- मुल्क के मौजूदा हालात अपनी बात को एक शेर से खत्म करते हुए वसीम बोले- 

‘‘कौन सी बात कहा कैसे कही जाती है, यह सलीका है तो हर बात सुनी जाती है.’’ 

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