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दिल्ली की गर्मी भूल जाएंगे आप, दुनिया के इन शहरों में आसमान से बरसती है आग, इतना होता है पारा

दुनिया में सबसे ज्यादा तापमान अमेरिका की डेथ वैली (56.7°C) में दर्ज किया गया है, लेकिन इंसानी आबादी वाले क्षेत्रों में कुवैत (54°C), इराक का बसरा और ईरान का अहवाज (53°C+) सबसे गर्म हैं.

दिल्ली की गर्मी भूल जाएंगे आप, दुनिया के इन शहरों में आसमान से बरसती है आग, इतना होता है पारा
सऊदी अरब का 'अल होफुफ' और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) का 'अल ऐन' इलाका भी भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है.

Hottest countries in the world : इन दिनों भारत के कई शहरों का हाल गर्मी से बेहाल है. तेज चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं लोगों को घर में रहने पर मजबूर कर दे रही हैं. लोग बहुत जरूरी न हो दोपहर के समय घर में एसी कूलर में ही रहना पसंद कर रहे हैं. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. इस समय भारत के कई शहरों में पारा 48 से 49 डिग्री तक पहुंच जाता है. ऐसे समय में दिमाग में यही चलता है कि पूरी दुनिया की गर्मी अकेले भारत में ही पड़ रही है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. आज हम आपको दुनिया के उन देशों को बारे में बताएंगे, जहां के तापमान के आगे भारत की गर्मी कुछ भी नहीं है. जी हां, आपने सही पढ़ा. अब आपको भी उत्सुकता होने लगी होगी न जानने की? तो बिना देर किए आइए आज के इस आर्टिकल में हम आपको ले चलते हैं भारत के बाहर की गर्मी का एहसास कराने...

वैसे तो दुनिया की सबसे गर्म जगह अमेरिका की डेथ वैली (Death Valley) को माना जाता है, जहां अब तक का सबसे ज्यादा तापमान 56.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है. लेकिन डेथ वैली में कोई आबादी नहीं रहती. आइए जानते हैं दुनिया के उन देशों के बारे में जहां लोग रहते हैं और वहां की भीषण गर्मी रिकॉर्ड तोड़ देती है.

कुवैत: 54 डिग्री तक झुलसाती है गर्मी

मिडिल ईस्ट का देश कुवैत दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में से एक है. यहां गर्मी के दिनों में तापमान 54 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. यहां का रेगिस्तानी मौसम और तेज धूप इतनी खतरनाक होती है कि दोपहर के समय घर से बाहर पैर रखना भी नामुमकिन सा हो जाता है.

इराक और ईरान: पारा 53 डिग्री के पार

कुवैत के पड़ोसी देशों का हाल भी कुछ ऐसा ही है. इराक का 'बसरा' और ईरान का 'अहवाज' दो ऐसे शहर हैं, जहां का तापमान अक्सर 53 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर जाता है. इस झुलसाने वाली गर्मी के कारण दोपहर के वक्त इन शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में ही रहना पसंद करते हैं.

यूएई और सऊदी अरब का भी बुरा हाल

सऊदी अरब का अल होफुफ और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) का अल ऐन इलाका भी भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है. इन जगहों पर पारा आसानी से 52 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चला जाता है. इससे साफ है कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) के लिए इतनी भारी गर्मी झेलना एक आम बात है.

भारत और खाड़ी देशों की गर्मी में क्या है अंतर?

अब सवाल उठता है कि अगर खाड़ी देशों में 52 से 54 डिग्री तक तापमान जाता है, तो भारत की 48-49 डिग्री वाली गर्मी हमें इतनी ज्यादा क्यों चुभती है? इसका सीधा सा जवाब है उमस (Humidity).

मिडिल ईस्ट की गर्मी

यहां का मौसम सूखा (Dry) होता है. भले ही तापमान ज्यादा हो, लेकिन हवा में नमी नहीं होती.

भारत की गर्मी

भारत के कई हिस्सों में तापमान के साथ-साथ उमस बहुत ज्यादा होती है. उमस की वजह से शरीर का पसीना सूख नहीं पाता, जिससे चिपचिपी गर्मी परेशान करती है और शरीर आसानी से ठंडा नहीं हो पाता. यही वजह है कि भारत की गर्मी ज्यादा जानलेवा महसूस होती है.

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