भारत विविधताओं वाला देश है. यहां कदम-कदम पर बोली-भाषा, पहनावा-उढ़ावा,खान-पान, रहन-सहन ही नहीं बदलता,बल्कि मौसम का मिजाज भी बदल जाता है. जरूरी नहीं दिल्ली जैसी गर्मी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी पड़े. यहां पर शहरों के हिसाब से गर्मी का मूड भी बदल जाता है. हर शहर की गर्मी अलग होती है. कोलकाता में चिपचिपी गर्मी पड़ती है, तो वहीं बैंगलोर में न गर्मी ठंडी सुहावना मौसम बना रहता है. वहीं उत्तराखंड और हिमाचल चले जाएंगे तो वहां दिन में तापमान 20-25 के बीच रहता है. रात के समय तो लोग सॉल स्वेटर पहनते हैं.
दक्षिण भारत की तरफ चले जाएंगे तो वहां दिन-रात उमस से परेशान रहेंगे. और इन सबसे इतर म्हारो राजस्थान जो अपनी कला-संस्कृति और धरोहरों के लिए विश्व में अलग पहचान बनाए हुए है, इसके मौसम का मिजाज सबसे अलग ही है. पल में शोला और पल में शबनम हो जाता है. 24 घंटे में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिलेंगे.
दिन बिल्कुल गर्म की निकलना मुश्किल लेकिन रात इतनी ठंडी की चादर और कंबल उढ़ना पड़ जाए. लेकिन ऐसा क्यों होता है. आपने कभी सोचा है? अगर नहीं तो आज हम आपको बताएंगे 24 घंटे में राजस्थान के मौसम में इतनी बड़ी अदला-बदली कैसे हो जाती है...
1. रेत की खास आदत: जल्दी गर्म होना और जल्दी ठंडी होना
रेगिस्तान में इस अजीब मौसम की सबसे बड़ी वजह वहां मौजूद रेत (Sand) है. रेत की एक वैज्ञानिक खूबी होती है कि यह सूरज की रोशनी को अपने अंदर सोखकर नहीं रख पाती. जैसे ही सुबह धूप निकलती है, रेत तेजी से गर्म होने लगती है और आस-पास की हवा को भी भट्टी जैसा बना देती है.
लेकिन जैसे ही सूरज डूबता है, रेत उतनी ही तेजी से अपनी पूरी गर्मी को वापस आसमान की तरफ छोड़ देती है. क्योंकि वहां कोई ऐसी चीज नहीं होती जो इस गर्मी को रोक सके, इसलिए रात होते ही तापमान अचानक गिर जाता है और कड़ाके की ठंड होने लगती है.
2. आसमान में बादलों और नमी का न होना
हमारे आम शहरों या गांवों में हवा के अंदर नमी (Humidity) होती है और आसमान में बादल होते हैं. ये बादल और नमी एक कंबल की तरह काम करते हैं. ये दिन की गर्मी को रात में अंतरिक्ष में जाने से रोकते हैं, जिससे रात का तापमान सामान्य रहता है. लेकिन रेगिस्तान में हवा बिल्कुल सूखी होती है और आसमान पूरी तरह साफ रहता है. इस वजह से रात के समय जमीन की गर्मी को रोकने के लिए कोई प्राकृतिक 'कंबल' नहीं होता. सारी गर्मी सीधे अंतरिक्ष में चली जाती है, जिससे रातें बर्फीली हो जाती हैं.
3. पेड़-पौधों की कमी
पेड़-पौधे और हरियाली भी मौसम को संतुलित रखने में मदद करते हैं. रेगिस्तान में दूर-दूर तक पेड़-पौधे नहीं होते. वनस्पतियों की कमी के कारण जमीन सीधे धूप के संपर्क में आती है और रात में तुरंत ठंडी हो जाती है.
तो ये वजह होती है की राजस्थान दिन में गरम और रात में ठंडा होता है--
गर्म रेगिस्तान 'सहरा'क्या आप जानते हैं? दुनिया के सबसे बड़े गर्म रेगिस्तान 'सहरा' (Sahara Desert) में दिन का तापमान जहां 50∘C तक पहुंच जाता है, वहीं रात के समय यह गिरकर शून्य से भी नीचे यानी −4∘ C तक जा सकता है.
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