आपसे कोई सवाल करेगा कि 2+2 कितना होता है तो आप बिना सोचे-समझे जवाब दे देंगे- '4'. लेकिन क्या कभी सोचा है कि आखिर 2+2 = 4 ही क्यों होता है? 2+2 = 3 या 2+2 = 5 क्यों नहीं होता? क्या यह सिर्फ इंसानों का बनाया कोई नियम-कायदा है या फिर इसके पीछे कोई ठोस वजह भी है?
अगर मन में कभी इस तरह का सवाल आया है तो 'सोचा है क्या कभी?' सीरीज के पहले अंश में इसी सवाल का जवाब ढूंढते हैं. इस सवाल का जवाब दिया था 19वीं सदी के इटैलियन गणितज्ञ ग्यूसेप पेआनो ने.
ग्यूसेप पेआनो ने एक थ्योरी दी थी और गणित के कुछ नियम बताए थे. इससे उन्होंने साबित किया था कि 2+2 हमेशा 4 ही होगा. ये कभी 3 या 5 नहीं हो सकता.
क्या था इनका फॉर्मूला?
ग्यूसेप पेआनो ने 1889 में गणित को लेकर कुछ बुनियादी नियम बनाए. इनमें 'Peano Axioms' कहा जाता है.
उन्होंने गणित के 5 नियम दिए थे. पेआनो ने कहा कि गणित कोई जादुई किताब नहीं, बल्कि एक सीधी सीढ़ी है. इसे आप इन 3 सरल बातों से समझ सकते हैं:
- शुरुआत: गिनती की शुरुआत हमेशा 0 से होगी.
- सक्सेसर: हर नंबर का एक सक्सेसर होता है. जैसे- 0 के बाद 1, 1 के बाद 2 और 2 के बाद 3...
- जीरो ही नींव: 0 सबसे पहला है. वो किसी के बाद नहीं आया. सब उसके आगे हैं. पीछे कोई नहीं.
2+2 = 4 ही क्यों होता है?
पेआनो ने गणित और गिनती को सीधे सीढ़ी के हिसाब से समझाया.
उनका कहना था कि गणित में कुछ भी चीज जोड़ने का मतलब कोई नई चीज बनाना नहीं होता, बल्कि सीढ़ी पर उतने कदम आगे बढ़ना होता है.
क्योंकि 0 शुरुआत है और इसलिए एक कदम आगे बढ़ने पर 1, दो कदम बढ़ने पर 2 और फिर इसी तरह 3, 4...
अगर 2+1 है तो इसका मतलब हुआ कि दूसरे पायदान पर खड़े हों और एक कदम आगे बढ़ें तो इसका जवाब 3 ही होगा.
इसलिए जब 2+2 कहते हैं तो दूसरे पायदान पर खड़े हों और दो कदम आगे बढ़ाएं. इस हिसाब से पहला कदम आगे बढ़ाने पर आप 3 पर पहुंचेंगे और दूसरे पर 4 पर.
इसलिए आप ब्रह्मांड के किसी भी कोने में चले जाइए, 2+2 हमेशा 4 ही होगा. वहां तक पहुंचने के लिए दो कदम ही चलना होगा, तीन नहीं.

'अगर 2+2=5 है, तो मैं वेटिकन का पोप हूं!'
अब कई बार ऐसा सवाल भी आता है कि 2+2 = 5 भी तो हो सकता था. इसे लेकर यूके के मशहूर गणितज्ञ बर्टेंड रसेल ने बेहतरीन जवाब दिया था.
एक लेक्चर के दौरान रसेल ने छात्रों को समझाते हुए कहा, 'अगर गणित में एक भी झूठ को सच मान लिया जाए तो उससे कुछ भी साबित किया जा सकता है.'
तभी एक छात्र ने उन्हें टोका और कहा, 'ये बकवास है. अगर 2+2 = 5 है तो इससे आप कैसे साबित करेंगे कि आप पोप हैं?'
रसेल ने जवाब देते हुए कहा, 'मान लिया जाए कि 0 = 1 है. अब इसमें दोनों तरफ 1-1 जोड़ दिया जाए तो बन गया 1 = 2.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं और पोप दो अलग-अलग शख्स हैं. हम 2 हैं. पर अभी साबित किया कि 1 = 2. तो अगर 2 लोग हैं तो इस हिसाब से 1 ही हुए. मतलब मैं और पोप दो नहीं, एक ही आदमी हैं.'
मतलब अगर 0 = 1 सच मान लोगे, तो 'मैं पोप हूं' भी सच हो जाएगा. रसेल यही बात कहते थे कि गणित में किसी झूठ को सच मान लिया जाए तो कुछ भी साबित किया जा सकता है.
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