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जेल से कितना अलग होता है डिटेंशन सेंटर? जानें इसमें कैसे रखे जाते हैं लोग

Detention Centre: इन दिनों पूरे देश में डिटेंशन सेंटर की चर्चा हो रही है. यह जेल की तरह नहीं होता है. यहां लोग अस्थायी रूप से रखे जाते हैं. यहां रखने का मुख्य मकसद कानूनी जांच, इमिग्रेशन या सुरक्षा होती है.

जेल से कितना अलग होता है डिटेंशन सेंटर? जानें इसमें कैसे रखे जाते हैं लोग
डिटेंशन सेंटर और जेल में अंतर

Jail Vs Detention Centre: देशभर में SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के बाद एक बार फिर डिटेंशन सेंटर को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं. यूपी के गोरखपुर में हाल ही में एक डिटेंशन सेंटर बनकर तैयार हुआ है. जहां अवैध प्रवासी रखे जाएंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिटेंशन सेंटर आखिर होता क्या है, यह जेल से कितना अलग होता है और इसमें लोग कैसे रखे जाते हैं. आइए बिल्कुल आसान तरह से समझते हैं..

डिटेंशन सेंटर क्या है

डिटेंशन सेंटर यानी हिरासत केंद्र एक ऐसी जगह होती है, जहां असली जेल की तरह सजा नहीं काटी जाती, बल्कि लोग अस्थायी रूप से रोके जाते हैं. आमतौर पर यह केंद्र उन लोगों के लिए होता है, जिन पर अपराध का आरोप नहीं लगाया गया या इमिग्रेशन या सुरक्षा संबंधी कारणों से रोकना जरूरी होता है. यहां ज्यादातर अवैध विदेशी नागरिकों को ही रखा जाता है. 'द फॉरेनर्स एक्ट के सेक्शन 3(2)(सी)' के तहत भारत सरकार को किसी अवैध नागरिक को देश से बाहर निकालने का अधिकार है. इस प्रक्रिया के दौरान ऐसे लोगों को डिटेंशन सेंटर में ही रखा जाता है. डिटेंशन सेंटर से लोगों को उनके देश में डिपोर्ट किया जाता है.

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डिटेंशन सेंटर जेल से कितना अलग होता है

डिटेंशन सेंटर जेल नहीं, बल्कि अस्थायी तौर से रोकने का केंद्र है. यहां लोग कानूनी जांच या कागजी कार्रवाई के दौरान रहते हैं. सजा या कोर्ट का फैसला होने तक उनकी स्थिति अलग रहती है. डिटेंशन सेंटर में जेल से ज्यादा सुविधाएं होती हैं और लोगों को पूरी तरह से कैद करके नहीं रखा जाता है. 

डिटेंशन सेंटर में लोग कैसे रखे जाते हैं

1. डिटेंशन सेंटर में रहने का तरीका जेल से अलग होता है. यहां कमरे आमतौर पर छोटे होते हैं और कई लोग एक साथ रहते हैं. कुछ केंद्रों में बेड और बुनियादी सुविधाएं दी जाती हैं.

2. यहां भी सुरक्षा होती है, लेकिन जेल की तरह नहीं. यहां सुरक्षा का मकसद व्यवस्थित निगरानी रखना होता है.

3. इन सेंटर में नियमित खाना-पानी मिलता है और स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है.

4. लोग अपने वकील, परिवार या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं. जेल की तुलना में डिटेंशन सेंटर में यह ज्यादा आसान होता है.

5. यहां लोगों की दिनचर्या ज्यादा आसान और कंट्रोल में होती है. कुछ सेंटर पर शैक्षिक या व्यावसायिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं.

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