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DAVOS का मतलब क्या होता है? जानें यहां क्यों जुटते हैं बिजनेस के दिग्गज

दावोस स्विट्ज़रलैंड का एक छोटा शहर है, जहां हर साल बिजनेस की दुनिया के दिग्गज जुटते हैं. इस मंच पर बड़े बिजनेस लीडर, सरकारों के रिप्रजेंटेटिव और एक्सपर्ट्स आकर ग्लोबल इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, AI, एम्प्लॉईमेंट और एनवायरमेंट जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं.

DAVOS का मतलब क्या होता है? जानें यहां क्यों जुटते हैं बिजनेस के दिग्गज
क्या होता है दावोस का मतलब

DAVOS 2026: हर साल की तरह इस बार भी दावोस में इन दिनों बिजनेस लीडर्स का जमावड़ा लगा हुआ है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में दुनियाभर से लीडर्स आए हुए हैं. हर साल जनवरी का महीना आते ही, दुनियाभर की खबरों में दावोस का नाम बार-बार सुनाई देने लगता है. टीवी डिबेट से लेकर सोशल मीडिया तक इसकी चर्चा रहती है. लेकिन क्या आपने सोचा है कि आखिर दावोस का मतलब क्या है और यहां ऐसा क्या होता है कि दुनिया के सबसे बड़े बिजनेस लीडर, प्रेसीडेंट, प्राइम मिनिस्टर और टेक दिग्गज एक ही जगह जुट जाते हैं. चलिए जानते हैं..

DAVOS का मतलब क्या होता है

दावोस स्विट्ज़रलैंड का एक छोटा-सा पहाड़ी शहर है, जो आमतौर पर स्की रिजॉर्ट के तौर पर जाना जाता है, लेकिन इसकी असली पहचान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) की वजह से बनी है. हर साल जनवरी में यहीं WEF की सालाना बैठक होती है, जिसमें दुनिया की बड़ी समस्याओं और उनके सॉल्यूशन पर खुलकर चर्चा की जाती है. दावोस हिब्रू भाषा का शब्द है, जिसे डेविड शब्द से लिया गया है. इसका मतलब चाहने वाला या दिल के बेहद करीब होता है. 

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम क्या करता है

WEF एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है, जिसकी शुरुआत 1971 में हुई थी. इसका मकसद सरकार, कंपनियों और सोसाइटी को एक मंच पर लाकर मिलकर सॉल्यूशन निकालना है. आसान शब्दों में कहें तो WEF वो जगह है, जहां दुनिया के फैसले लेने वाले लोग बैठकर यह सोचते हैं कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए. यह संगठन सिर्फ मुनाफे की नहीं, बल्कि लोगों, सोसाइटी और एनवायरमेंट की भी बात करता है. इसी सोच को स्टेकहोल्डर कैपिटलिज्म कहा जाता है, यानी कंपनी का फायदा सिर्फ शेयरहोल्डर्स तक सीमित न रहे, बल्कि सभी को मिले.

DAVOS इतना खास क्यों है

दावोस सिर्फ भाषणों का मंच नहीं है. यहां सीधी बातचीत और नेटवर्किंग पर बात होती है. होटल के गलियारों, कॉफी टेबल और छोटी बैठकों में बड़े फैसलों की नींव रखी जाती है. कई बार जो बात मंच पर नहीं होती, वही असली काम पीछे हो जाता है. करीब 2,500 से ज्यादा चुनिंदा लोग यहां आते हैं, इसलिए इसे दुनिया का सबसे बड़ा 'डिसीजन मेकर्स का जमावड़ा' भी कहा जाता है.

दावोस 2026 का फोकस क्या है

2026 में दावोस की थीम 'A Spirit of Dialogue' रखी गई है यानी बातचीत और सहयोग की भावना. इस साल खासतौर पर जो मुद्दे चर्चा में हैं, उनमें दुनिया में बढ़ते टकराव के बीच सहयोग कैसे बढ़े, AI और नई तकनीक का सही इस्तेमाल कैसे हो, नई नौकरियों और ग्रोथ के मौके कैसे बनें, लोगों की स्किल कैसे बढ़ाई जाए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना तरक्की कैसे की जाए है. इस बार दावोस की सालाना बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक चल रही है.

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