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बिना खाना खाए कितने दिन तक जिंदा रह सकता है इंसान? शरीर में होते हैं ये बदलाव

जब भी कोई भूख हड़ताल पर होता है तो अक्‍सर सवाल उठता है कि आखिर कोई व्यक्ति बिना भोजन के कितने दिन तक जीवित रह सकता है.

बिना खाना खाए कितने दिन तक जिंदा रह सकता है इंसान? शरीर में होते हैं ये बदलाव

सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं और उनका अनशन कई दिनों से जारी है. इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भी विभिन्न जन आंदोलनों के दौरान लंबे समय तक भूख हड़ताल कर चुके हैं. जब भी कोई भूख हड़ताल पर होता है तो अक्‍सर सवाल उठता है कि आखिर कोई व्यक्ति बिना भोजन के कितने दिन तक जीवित रह सकता है. चूंकि भोजन हमारे शरीर को ऊर्जा, पोषण और जरूरी विटामिन-मिनरल्स प्रदान करता है. ऐसे में कोई व्यक्ति खाना पूरी तरह बंद कर दे, तो वह कितने दिनों तक जीवित रह सकता है? 

भूख हड़ताल का शरीर पर असर 

डॉक्‍टर्स बताते रहे हैं कि यदि व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे, तो वह लगभग 1 से 2 महीने तक जीवित रह सकता है. हालांकि, यह अवधि हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है. वहीं, अगर पानी भी न मिले तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है और आमतौर पर कुछ ही दिनों में जान का खतरा पैदा हो सकता है. 

बिना खाना खाए शरीर में कब-कब क्या बदलाव होते हैं?

पहले 24 घंटे

शरीर सबसे पहले भोजन से मिली ग्लूकोज का उपयोग करता है. इसके बाद लिवर और मांसपेशियों में जमा ग्लाइकोजन से ऊर्जा मिलने लगती है. इस दौरान भूख तेज लग सकती है, कमजोरी महसूस हो सकती है और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. 

2 से 3 दिन बाद

ग्लाइकोजन का भंडार लगभग खत्म होने लगता है. इसके बाद शरीर ऊर्जा के लिए फैट को तोड़ना शुरू करता है. इस प्रक्रिया में कीटोन (Ketones) बनने लगते हैं, जो मस्तिष्क समेत कई अंगों के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत बन जाते हैं. 

4 से 7 दिन बाद

शरीर ऊर्जा बचाने की कोशिश करता है. मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने लगता है, वजन तेजी से घट सकता है और कमजोरी बढ़ जाती है. कई लोगों को चक्कर आना, थकान और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस हो सकती है. 

कई दिनों बाद

जब शरीर में फैट का भंडार भी कम होने लगता है, तब ऊर्जा के लिए मांसपेशियां टूटने लगती हैं. इससे शरीर कमजोर होता जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) भी प्रभावित हो सकती है. 

लंबे समय तक भोजन न मिलने पर क्‍या होता है 

लंबे समय तक भोजन की कमी से हृदय, किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, गंभीर कुपोषण और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा हो सकती है. 

क्या सिर्फ पानी पीकर जिंदा रहा जा सकता है

कुछ परिस्थितियों में केवल पानी मिलने पर व्यक्ति बिना भोजन के अपेक्षाकृत अधिक समय तक जीवित रह सकता है, लेकिन शरीर लगातार कमजोर होता जाता है. केवल पानी पीना भोजन का विकल्प नहीं है और लंबे समय तक ऐसा करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है. 

किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?

  • बुजुर्ग
  • छोटे बच्चे
  • गर्भवती महिलाएं
  • मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज
  • गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग
  • पहले से कुपोषित व्यक्ति

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