लंबे समय से केरल का नाम केरलम करने को लेकर चल रही कवायद पर आज आखिरकार पूर्ण विराम लग गया. केरलम विधेयक लोकसभा में ध्वनिमत के साथ पास कर दिया गया. अब राज्य का नाम आधिकारिक रूप से 'केरलम' कर दिया गया है. बता दें कि यह बदलाव स्थानीय भाषा (मलयालम), संस्कृति और पहचान को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए किया जा रहा है. काफी समय से केरल के लोग इसे अपनी भाषा में 'केरलम' ही कहते आए हैं. यह फैसला केरल के लोगों के लिए लेकिन यह पहला मामला नहीं है जब किसी राज्य का नाम बदला गया है. तो चलिए आज जानते हैं केरल के पहले किन राज्यों के नाम बदले गए हैं.
देश में कितने राज्यों के नाम बदले गए हैं?
उत्तरांचल बना उत्तराखंडसाल 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बने नए पहाड़ी राज्य का नाम शुरुआत में उत्तरांचल रखा गया था. हालांकि राज्य आंदोलन से जुड़े लोग लंबे समय से इसे उत्तराखंड कहने की मांग कर रहे थे. इसी कारण 2007 में इसका नाम आधिकारिक रूप से उत्तराखंड कर दिया गया.
उड़ीसा बना ओडिशाइसी तरह, उड़ीसा का नाम 2011 में बदलकर ओडिशा कर दिया गया. इसके साथ राज्य की भाषा का नाम भी ओरिया से ओडिया किया गया.
मद्रास बना तमिलनाडु और मैसूर कर्नाटकदक्षिण भारत में मद्रास राज्य का नाम 1969 में तमिलनाडु रखा गया, जबकि मैसूर राज्य को 1973 में नया नाम कर्नाटक मिला. इन बदलावों का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों की व्यापक सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को दर्शाना था.
इनके नाम भी बदले
राज्यों के अलावा कई बड़े शहरों के नाम भी बदले गए. बंबई 1995 में मुंबई, मद्रास शहर 1996 में चेन्नई और कलकत्ता 2001 में कोलकाता बन गया. इन परिवर्तनों के पीछे स्थानीय भाषाओं और ऐतिहासिक विरासत को प्राथमिकता देने की सोच रही.
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