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This Article is From Jul 24, 2017

215 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की दोबारा जांच की मांग वाली याचिका खारिज

याचिका में 215 लंबित केसों की दोबारा जांच के आदेश देने की मांग की गई थी. सुनवाई के बाद देश के सीजेआई जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि मामले को 27 साल बीत गए हैं और अब इतनी देरी के बाद क्यों आए हैं?

215 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की दोबारा जांच की मांग वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट
  • 215 लंबित केसों की दोबारा जांच के आदेश देने की मांग
  • यह नरसंहार 1989-90 के मध्य हुए हैं.
  • मामले को 27 साल बीत गए हैं
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 215 कश्मीरी पंडितों के नरसंहार की दोबारा जांच की मांग से जुड़ी एक याचिका को आज खारिज कर दिया. यह याचिका रूटस इन कश्मीर नाम की एक एनजीओ ने दायर की थी. यह नरसंहार 1989-90 के मध्य हुए हैं. 

याचिका में 215 लंबित केसों की दोबारा जांच के आदेश देने की मांग की गई थी. सुनवाई के बाद देश के सीजेआई जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि मामले को 27 साल बीत गए हैं और अब इतनी देरी के बाद क्यों आए हैं?

याचिका में कहा गया था कि इस दौरान कश्मीर में 700 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई थी.  ये सारे मामले लंबित पड़े हैं इसलिए सुप्रीम कोर्ट इन मामलों कि दोबारा जांच के आदेश दे.

ये भी पढ़ें जम्मू-कश्मीर विस में कश्मीरी पंडितों की वापसी का संकल्प पारित, अनुपम खेर ने भी पोस्‍ट किया वीडियो

बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी में आठ स्थानों पर करीब 100 एकड़ जमीन की पहचान कर ली है जहां पर कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास किया जाएगा. कश्मीर घाटी से पंडितों ने 1990 के दशक में पलायन किया था क्योंकि आतंकवादी उन्हें निशाना बना रहे थे.

वीडियो : घरों से पलायन के बाद कश्मीरी पंडितों को घर वापसी का इंतजार 

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