जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना ने मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया है. सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि 31 मार्च 2026 की रात को रुक-रुक कर हो रही गोलीबारी के बीच घेराबंदी को रणनीतिक रूप से पुनर्गठित किया गया. इसके बाद सेना ने सुनियोजित जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रभावी ढंग से एक आतंकवादी को मार गिराया है. ऑपरेशन अभी जारी है.
सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी
भारतीय सेना की चिनार कोर के अनुसार, मंगलवार शाम को विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गांदरबल के जनरल अरहामा क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया. तलाशी के दौरान सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी. चुनौती मिलने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, और भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की. रातभर चले मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया है.
भागने के सभी रास्ते सील
सूत्रों के मुताबिक, सेना ने आतंकवादियों के भागने के सभी रास्ते सील कर दिए हैं. माना जा रहा है कि गांव में दो आतंकवादी छिपे हुए थे. उत्तरी कश्मीर का गांदरबल जिला अब तक आतंकवादियों की मौजूदगी से मुक्त माना जाता रहा है, और यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए चिंता का विषय है.
आतंंकी हमले में 7 लोग मारे गए थे
20 अक्टूबर 2024 को आतंकवादियों ने गांदरबल के गगनगीर इलाके में सोनमर्ग जेड-मोरह सुरंग निर्माण स्थल के पास मजदूरों के एक कैंप पर हमला किया था. उस आतंकी हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर मारे गए थे, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे. इस हमले में अहम जेड-मोरह टनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया गया था. यह हमला शाम के समय गांदरबल जिले के गागनगीर इलाके में हुआ था, जहां मजदूर अपने कैंप में लौट आए थे.
इसी तरह, 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में 25 नागरिकों की हत्या कर दी, जिनमें 24 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू मालिक शामिल थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस ने बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं.
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