IPL RPSvsMI : एमएस धोनी से कीपिंग में एक कैच भी छूट गया था (फोटो :AFP)
नई दिल्ली:
आईपीएल के पिछले 9 सीजन तक कप्तान के रूप में खेल चुके महेंद्र सिंह धोनी के लिए इस सीजन का पहला ही मैच ठीक नहीं रहा. न तो वह बल्ले से कमाल कर पाए और न ही कीपिंग में ठीक दिखे. उनसे एक कैच छूट गया. इस पर अब उन्हें आईपीएल आचार संहिता के उल्लंघन के लिए फटकार भी लगाई गई है. हालांकि कि आईपीएल की ओर से इसका कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि धोनी ने गुरुवार को मैच के दौरान एक ऐसी मांग रख दी, जो आईपीएल की संहिता के हिसाब से सही नहीं रही...
एमएस धोनी को राइजिंग सुपरजायंट्स और मुंबई इंडियन्स के बीच खेले गए मैच के लिए फटकार लगाई गई है. आईपीएल ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मैच रेफरी मनु नैयर ने उन्हें क्यों फटकार लगाई. आईपीएल के आधिकारिक बयान के अनुसार ‘महेंद्र सिंह धोनी ने खेल भावना के विपरीत व्यवहार करने के लिए लेवल एक का अपराध (अनुच्छेद 2.1.1) स्वीकार किया है. आईपीएल आचार संहिता के इस लेवल के उल्लंघन पर मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’
धोनी ने मांगा डीआरएस, वैसे आउट थे पोलार्ड, लेकिन...
वैसे पूरे मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने एक ही गलती की थी और वह थी डीआरएस की मांग रखना. पुणे टीम की फील्डिंग के दौरान धोनी विकेटकीपिंग कर रहे थे. बात मुंबई की पारी के 15वें ओवर की है, जब कीरन पोलार्ड के खिलाफ पगबाधा की अपील हुई और अंपायर ने उसे नकार दिया, जो धोनी ने अंपायर से रिव्यू मांग लिया. वैसे कहा जा रहा था कि धोनी ने ऐसा मजाक में किया है, क्योंकि उन्हें नियम तो पता ही होगा. धोनी के इस कदम पर सभी हंस पड़े थे. वैसे जिस अपील को अंपायर एस रवि ने ठुकराया था, उसमें पोलार्ड आउट दिख रहे थे.
आईपीएल के 10वें सीजन में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान की भूमिका में नहीं हैं. इस टूर्नामेंट के 10 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है. इससे पहले वे हमेशा कप्तान के रूप में नजर आए थे. गौरतलब है कि आईपीएल 10 की बोली की पूर्व संध्या पर पुणे टीम के मालिकों ने ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को टीम का नया कप्तान नियुक्त कर दिया था.
(इनपुट भाषा से भी)
एमएस धोनी को राइजिंग सुपरजायंट्स और मुंबई इंडियन्स के बीच खेले गए मैच के लिए फटकार लगाई गई है. आईपीएल ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मैच रेफरी मनु नैयर ने उन्हें क्यों फटकार लगाई. आईपीएल के आधिकारिक बयान के अनुसार ‘महेंद्र सिंह धोनी ने खेल भावना के विपरीत व्यवहार करने के लिए लेवल एक का अपराध (अनुच्छेद 2.1.1) स्वीकार किया है. आईपीएल आचार संहिता के इस लेवल के उल्लंघन पर मैच रेफरी का फैसला अंतिम और स्वीकार्य होता है.’
धोनी ने मांगा डीआरएस, वैसे आउट थे पोलार्ड, लेकिन...
वैसे पूरे मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने एक ही गलती की थी और वह थी डीआरएस की मांग रखना. पुणे टीम की फील्डिंग के दौरान धोनी विकेटकीपिंग कर रहे थे. बात मुंबई की पारी के 15वें ओवर की है, जब कीरन पोलार्ड के खिलाफ पगबाधा की अपील हुई और अंपायर ने उसे नकार दिया, जो धोनी ने अंपायर से रिव्यू मांग लिया. वैसे कहा जा रहा था कि धोनी ने ऐसा मजाक में किया है, क्योंकि उन्हें नियम तो पता ही होगा. धोनी के इस कदम पर सभी हंस पड़े थे. वैसे जिस अपील को अंपायर एस रवि ने ठुकराया था, उसमें पोलार्ड आउट दिख रहे थे.
आईपीएल के 10वें सीजन में महेंद्र सिंह धोनी कप्तान की भूमिका में नहीं हैं. इस टूर्नामेंट के 10 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है. इससे पहले वे हमेशा कप्तान के रूप में नजर आए थे. गौरतलब है कि आईपीएल 10 की बोली की पूर्व संध्या पर पुणे टीम के मालिकों ने ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को टीम का नया कप्तान नियुक्त कर दिया था.
(इनपुट भाषा से भी)
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