UP Cabinet News: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को मंजूरी दे दी है. डेवलपमेंट अथॉरिटी, आवास एवं विकास परिषद और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों के डिफॉल्टरों को राहत मिलेगी. अगर आपका भी नोएडा अथॉरिटी, यमुना अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी या ऐसे ही किसी अन्य प्राधिकरण या आवास विकास परिषद में बकाया है तो आप भी सिर्फ मूलधन चुकाकर कर्जमुक्त हो सकते हैं और प्रॉपर्टी पर पूर्ण अधिकार पा सकता है.अथॉरिटी और आवास विकास परिषद बकाया राशि की वसूली के साथ डिफॉल्टर आवंटियों को इससे राहत देगी.
डेवलपमेंट अथॉरिटी और उससे जुड़ी संपत्तियों से जुड़े कुल 18982 डिफॉल्टर हैं. इनके पास लगभग 11,848 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है. इसमें नक्शे से जुड़े 545 डिफॉल्टर केस में ही 1482 करोड़ रुपये की राशि बकाया है. इन बकाये की वसूली के लिए ओटीएस योजना लाई गई है.
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सभी आवासीय, व्यावसायिक और आवंटित संपत्तियों के लिए ओटीएस योजना लागू होगी. इसमें नीलामी या आवंटन से दी प्रॉपर्टी शामिल होंगी. सरकारी संस्थान, स्कूल-कॉलेज, धर्मार्थ संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों पर भी यह स्कीम लागू होगी. नक्शे की मंजूरी से जुड़े डिफॉल्टरों को भी शामिल किया गया है. ओटीएस स्कीम के तहत डिफॉल्टर आवंटियों को सिर्फ साधारण ब्याज देना होगा. जुर्माने की राशि पूरी तरह माफ की जाएगी. ये योजना तीन माह तक मान्य होगी. आवेदनों का निपटारा भी 3 माह में किया जाएगा. सभी डिफॉल्टरों को ईमेल, एसएमएस और पत्र से जानकारी दी जाएगी.
भुगतान का तौर तरीका भी तय किया गया है. अगर ओटीएस के बाद देनदारी 50 लाख रुपये तक है, तो उसका 33 फीसदी हिस्सा मांग पत्र जारी होने के 30 दिनों में जमा करना होगा. बाकी राशि 3 ईएमआई में जमा करनी होगी. अगर देनदारी राशि 50 लाख रुपये से अधिक है तो 33 फीसदी राशि एक महीने में और शेष राशि 3 किस्तों में 6 माह में जमा करनी होगी. इस स्कीम से डिफॉल्टरों को बकाया चुकाने का मौका मिलेगा. जबकि अथॉरिटी और आवासीय विकास परिषद को बड़ा धनराशि हासिल होगी.
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