अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देशभर में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. देश और दुनिया में योग अब लोगों की दिनचर्या में शामिल हो चुका है. भारत में योग को पहचान दिलाने में योग गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी का अहम योगदान माना जाता है. धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने भारत में योग को लोकप्रिय बनाया है. जिन्होंने योग को भारत के घरों-घरों में पहुंचा दिया. बिहार के मधुबनी में 1958 में जन्मे धीरेंद्र ब्रह्मचारी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योग गुरु भी थी. 1970 और 80 के दशक में वह भारत के सबसे चर्चित योग गुरु थे. जिनका योग कार्यक्रम उस वक्त दूरदर्शन में भी आता था. आज आधुनिक भारत में योग का जो चलन तेजी से बढ़ा है. उसमें धीरेंद्र ब्रह्मचारी का योगदान भी माना जाता है.
भारत के फेमस योग गुरु थे धीरेंद्र ब्रह्मचारी
बिहार के मधुबनी से निकलकर धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने योग को भारत के अलग-अलग राज्यों में पहुंचाया. दिल्ली उनकी कर्मस्थली मानी जाती थी. दक्षिण दिल्ली की फ्रेंड्स कॉलोनी में बने बंगला नंबर A-50 उनका निवास हुआ करता था. जो एक समय योग का केंद्र माना जाता था. नेता, उद्योगपति और देश के बड़े-बडे़ प्रभावशाली लोग उनके यहां आते थे और योग सीखते थे. धीरेंद्र ब्रह्मचारी की दिनचर्या व्यस्त रहती थी. सब उनसे 10 मिनट की मुलाकात के लिए भी घंटों इंतजार करते थे. उस दौर में वह भारत के पहले सेलिब्रिटी योग गुरु माने जाते थे. क्योंकि उनसे मुलाकात के बाद लोगों की लाइफ में भी बदलाव आते थे. वह लोगों को योग के जरिए न केवल शांति की तरफ ले जाते थे. बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी यह प्रभावशाली माना जाता था.
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बेहद प्रभावशाली थे धीरेंद्र ब्रह्मचारी
धीरेंद्र ब्रह्मचारी बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी थे. लंबी चौड़ी कद काठी और आंखों से झलकता तेज लोगों पर गहरा प्रभाव छोड़ता था. उनके आसपास भी हमेसा ऊर्जा का अनुभव होता था. 1978 से 1983 के बीच दूरदर्शन पर उनका योग कार्यक्रम आता था. जिसमें वह ब्रह्मचारी आसन सिखाते थे. एंकर दर्शकों को उनके योग के बारे में बताती थी और वह लोगों को योग के अलग-अलग आसन दूरदर्शन के माध्यम से घर-घर में पहुंचाते थे. उनका योग का कार्यक्रम देशभर में उस वक्त फेमस था. उस दौर में उन्होंने योग के प्रति लोगों की धारणा को भी बदला. क्योंकि अधिकतर लोग यह मानते थे कि बढ़ती उम्र में योग की जरुरत ज्यादा होती है. लेकिन धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने योग के प्रति लोगों की इस सोच को बदला और युवाओं को भी योग से जोड़ा.
नेहरू करते थे शीर्षासन
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी योग के प्रति बेहद सजग थे. धीरेंद्र ब्रह्मचारी की योग की गहरी जानकारी के वह भी कायल थे. वह इंदिरा गांधी को शुरुआत से ही योग की क्लास देते थे. ऐसे में जब वह इंदिरा गांधी को योग की क्लास देते थे, तब पंडित नेहरू भी उनसे योग को समझते थे. नेहरू शीर्षासन करते थे और उनसे योग के बारे में समझते थे. गांधी परिवार से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा था.
इंदिरा गांधी को सिखाते थे योगा
धीरेंद्र ब्रह्मचारी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी हर दिन योग की क्लास देने जाते थे. जिससे उनकी लोकप्रियता देशभर में और तेजी से बढ़ी थी. इंदिरा गांधी के सफदरजंग रोड वाले बंगले पर वह उन्हें हर दिन योग की क्लास देते थे. कड़ाके की ठंड के दिनों में भी उनकी योग की क्लास बंद नहीं होती थी. वह हर दिन प्रधानमंत्री आवास आते थे और गर्मजोशी के साथ यहां लोगों को योग मुद्राएं सिखाते थे. धीरेंद्र ब्रह्मचारी के शिष्य बाल मुकुंद भी उनके साथ होते थे. जो खुद भी बाद में योग गुरु के तौर पर फेमस हुए. उस दौर में आरके धवन, बूटा सिंह और यशपाल कपूर जैसे कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने धीरेंद्र ब्रह्मचारी के मार्गदर्शन में योग सीखा था. इंदिरा गांधी की हत्या से वे बहुत दुखी हुए थे.
स्कूलों तक पहुंचाया योग
धीरेंद्र ब्रह्मचारी की वजह से ही योग स्कूलों तक पहुंच पाया. केंद्रीय विद्यालयों में योग शिक्षकों की भर्ती उनके प्रयासों से ही शुरू हुई थी. जिसके चलते योग सिखाने वाले शिक्षकों को नौकरियों का अवसर पैदा हुआ और उन्हें एक पहचान मिलना भी शुरू हुई. योग को किताबों में शामिल करवाया गया, जिससे शुरुआती शिक्षा के साथ ही बच्चों को योग के बारे में पता चलना शुरू हुआ हो गया था. धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने अपने जीवन के आखिरी समय तक योग को खेल का दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया था. बुजुर्ग होने के बाद भी उन्होंने योग को लगातार सिखाना जारी रखा था.
विमान हादसे में हुआ था निधन
9 जून 1994 को 70 साल की उम्र में धीरेंद्र ब्रह्मचारी का निधन एक विमान हादसे में हुआ था. जम्मू-कश्मीर के मंतलाई में उनका आश्रम बना हुआ था. जहां वह जा रहे थे, लेकिन योग केंद्र पर बनी हवाई पट्टी पर उनका विमान लैडिंग के वक्त क्रैश हो गया था. इस घटना में धीरेंद्र ब्रह्मचारी और उनके पायलट का निधन हो गया था. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज जब देशभर में योग किया जा रहा है. भारत में तेजी से योग का चलन बढ़ा है. जिसमें धीरेंद्र ब्रह्मचारी का योगदान अहम रहा है.
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