तेलंगाना के मलकाजगिरी की नवनियुक्त पुलिस आयुक्त बी. सुमति को रात में शहर की सड़कों पर एक आम महिला बनकर खड़े होने के दौरान कई लोगों ने परेशान किया. बताया जा रहा है कि कुछ ही मिनटों में करीब 40 पुरुषों ने उन्हें परेशान किया. भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी ने महिलाओं की रात के समय सुरक्षा का आकलन करने के लिए यह साहसिक कदम उठाया और दिलसुखनगर में आधी रात के बाद अकेले सड़क पर खड़ी रहीं.
एक सामान्य महिला के रूप में खुद को पेश करते हुए सुमति बस स्टैंड पर अकेली इंतजार कर रहीं थीं. पुलिस के अनुसार, कुछ ही मिनटों में लगभग 40 पुरुष उनके पास आए और कथित रूप से उन्हें परेशान किया.
पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया
पुलिस ने बताया कि इनमें से कई लोग नशे में थे, जिन्होंने अश्लील टिप्पणियां की और गलत व्यवहार किया. पास में तैनात पुलिस टीमों ने सभी को हिरासत में ले लिया. बाद में उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया.
मलकाजगिरी, ग्रेटर हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले चार पुलिस कमिश्नरेट्स में से एक है. पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन का उद्देश्य महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ सख्त संदेश देना था.
पद संभालने के एक हफ्ते बाद उठाया ये कदम
सुमति ने 2001 में ग्रुप-1 डीएसपी के रूप में करियर शुरू किया और बाद में आईपीएस में चयनित होकर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया.
कमिश्नर बनने से पहले वह इंटेलिजेंस विभाग में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर थीं और नक्सलियों के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सराही गईं.
पिछले दो वर्षों में उनके संवाद-आधारित प्रयासों से 591 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. वह वरिष्ठ माओवादी नेता तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी के आत्मसमर्पण से जुड़ी वार्ताओं में भी शामिल रहीं.
यह भी पढ़ें: 'उसे वहीं पत्थर से मार डालो, जहां उसने बच्ची को मारा' आरोपी के परिवार ने भीमराव कांबले के लिए मांगी मौत की सजा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं