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अदाणी समूह की भागीदारी से मोतीलाल नगर बनेगा  ‘15 मिनट सिटी’, MHADA की ये योजना है बेहद खास

इस योजना में लगभग 15 एकड़ हरित क्षेत्र, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर एनर्जी और स्मार्ट सुरक्षा सिस्टम शामिल किए जाएंगे. यह परियोजना ‘लिव, वर्क और प्ले’ के समग्र शहरी जीवन के मॉडल को दर्शाती है.

अदाणी समूह की भागीदारी से मोतीलाल नगर बनेगा  ‘15 मिनट सिटी’, MHADA की ये योजना है बेहद खास
अदाणी समूह की भागीदारी से विकसित होगा मोतीलाल नगर
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मुंबई:

महाराष्ट्र गृहनिर्माण और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) ने गोरेगांव स्थित मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना का मास्टर प्लान पेश किया है, जिसे देश की सबसे बड़ी शहरी पुनर्विकास योजनाओं में से एक माना जा रहा है. लगभग 143 एकड़ में फैली इस परियोजना को कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (C&DA) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, जिसमें अदाणी समूह निजी भागीदार के रूप में शामिल है, जबकि जमीन का स्वामित्व पूरी तरह MHADA के पास ही रहेगा.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान लगभग अंतिम रूप में है, लेकिन स्थानीय निवासियों के सुझावों के आधार पर कुछ बदलाव संभव हैं. राज्य सरकार ने साफ कहा है कि इस परियोजना में पुनर्वसन (rehabilitation) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और MHADA सभी पात्र निवासियों की जिम्मेदारी लेगा.इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत ‘15 मिनट सिटी' का कॉन्सेप्ट है, जिसमें स्कूल, अस्पताल, बाजार, पार्क और अन्य जरूरी सुविधाएं 15 मिनट के दायरे में उपलब्ध होंगी. गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए IIT बॉम्बे और VJTI जैसे संस्थानों को भी जोड़ा गया है.

योजना के तहत आठ मंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा. पात्र निवासियों को 800 वर्ग फुट के 2BHK फ्लैट दिए जाएंगे, जिनमें बेहतर वेंटिलेशन, प्राकृतिक रोशनी और आधुनिक सुविधाएं होंगी. साथ ही, 1600 वर्ग फुट तक के बड़े पुनर्वसन घर देने की भी योजना है, जो मुंबई के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. MHADA ने दोहराया है कि जमीन निजी डेवलपर को नहीं दी जाएगी. सभी मंजूरी, निगरानी और आवंटन MHADA के नियंत्रण में रहेंगे. डेवलपर बिना अनुमति किसी तीसरे पक्ष को शामिल नहीं कर सकता और जमीन को गिरवी भी नहीं रख सकता.

यह पुनर्विकास 1960 के दशक में बने पुराने और जर्जर हो चुके भवनों के कारण आवश्यक हो गया है. यहां की सड़कें और नागरिक सुविधाएं वर्तमान मानकों के अनुरूप नहीं हैं, साथ ही अवैध निर्माण और जलभराव जैसी समस्याएं भी मौजूद हैं, जिन्हें इस परियोजना के माध्यम से दूर किया जाएगा.परियोजना में SRA प्रावधान भी शामिल हैं, जिसके तहत लगभग 1600 झुग्गीवासियों का पुनर्वसन किया जाएगा. प्रयास है कि अधिकतम लोगों को उसी क्षेत्र में पुनर्वासित किया जाए, जिससे विस्थापन कम से कम हो.

इस योजना में लगभग 15 एकड़ हरित क्षेत्र, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर एनर्जी और स्मार्ट सुरक्षा सिस्टम शामिल किए जाएंगे. यह परियोजना ‘लिव, वर्क और प्ले' के समग्र शहरी जीवन के मॉडल को दर्शाती है.परियोजना को पूरा करने में लगभग सात साल या उससे अधिक का समय लग सकता है. MHADA ने यह भी संकेत दिया है कि अतिरिक्त FSI का भार साझा किया जाएगा.एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में MHADA के सीईओ ने इन-सीटू स्लम पुनर्विकास नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता बताई, इसे शहरी योजना की एक कमी बताया.कुल मिलाकर, मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना को मुंबई के शहरी विकास में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

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