विज्ञापन
This Article is From Dec 18, 2025

यूरोप से अफ्रीका तक का 'ब्रिज' बनेगा ओमान, ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए खुलने वाले हैं दुनिया के 4 बड़े बाजार

India-Oman FTA 2025: यह ओमान का किसी देश के साथ दूसरा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होगा. इससे पहले करीब 20 वर्ष पूर्व ओमान ने अपना पहला एफटीए किया था.

यूरोप से अफ्रीका तक का 'ब्रिज' बनेगा ओमान, ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए खुलने वाले हैं दुनिया के 4 बड़े बाजार
भारत-ओमान फ्री ट्रे़ड एग्रीमेंट से मध्यपूर्व देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ेगा
PTI

Delhi News: भारत और ओमान के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) केवल दो देशों का मिलन नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल मैप पर भारत के लिए एक 'लॉजिस्टिक्स सुपर-हाईवे' तैयार करने जैसा है. इस समझौते के साथ ही भारतीय निर्यातकों (Exporters) के लिए मस्कट अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि तीन महाद्वीपों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा ट्रेड जंक्शन बनने जा रहा है.

ओमान बना भारत का नया ग्लोबल गेटवे

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के हालिया बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब ओमान को महज एक व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए एक रणनीतिक 'लॉन्चिंग पैड' के रूप में देख रहा है. इस ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लागू होते ही भारतीय व्यवसायों के लिए दुनिया के चार सबसे बड़े और महत्वपूर्ण बाजारों के द्वार खुल जाएंगे. 

भारत के लिए खुलेंगे दुनिया के ये 4 बड़े बाजार

सबसे पहले, इसके जरिए खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सऊदी अरब और कतर जैसे अमीर देशों तक सीधी और लागत-प्रभावी पहुंच सुनिश्चित होगी. साथ ही, ओमान के आधुनिक पोर्ट्स का उपयोग करके पूर्वी यूरोप तक माल पहुंचाने के समय और खर्च में भारी कमी आएगी, जिससे इंडियन एक्सपोर्टर्स की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी. यही नहीं, यह समझौता कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे मध्य एशिया के लैंडलॉक्ड देशों के लिए एक नया और सुरक्षित ट्रेड रूट प्रदान करेगा, जबकि तेजी से विकसित हो रहे अफ्रीकी बाजारों के लिए ओमान भारत का सबसे भरोसेमंद 'ट्रांजिट हब' बनकर उभरेगा.

5 साल में 3 गुना से बढ़ा ओमान में भारतीय निवेश

2020 से अब तक ओमान में भारतीय निवेश 3 गुना बढ़कर 5 अरब डॉलर हो चुका है. लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत है. FTA के बाद इन क्षेत्रों में 'इन्वेस्टमेंट ब्लास्ट' होने वाला है. इस निवेश क्रांति के केंद्र में ग्रीन अमोनिया और स्टील जैसे भविष्य के उद्योग होंगे, जहां भारतीय कंपनियां ओमान की प्रचुर रिन्यूएबल एनर्जी का लाभ उठाकर 'मेड इन इंडिया' उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार कर सकेंगी. 

इंडियन एक्सपोर्ट को निर्बाध बनाना मकसद

इसके समानांतर, ओमान को एक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भारतीय कंपनियां अपने 'लॉन्ग टर्म ऑपरेटिंग बेस' स्थापित कर रही हैं. इसका मुख्य उद्देश्य ओमान की ज्योग्राफिकल सिचुएशन का फायदा उठाते हुए पूरी दुनिया की ग्लोबल सप्लाई चेन पर प्रभावी नियंत्रण हासिल करना और इंडियन एक्सपोर्ट की पहुंच को निर्बाध (Uninterrupted) बनाना है.

टैक्स का बोझ होगा खत्म, बढ़ेगा मुनाफा

जुलाई में हुए यूके-भारत FTA की तर्ज पर, ओमान के साथ भी 90% से अधिक उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) शून्य होने की उम्मीद है. इसके बाद टेक्सटाइल, ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के छोटे-बड़े एक्सपोर्टर्स के लिए मुनाफा कई गुना बढ़ जाएगा.

ये भी पढ़ें:- GRAP-4 Reality Check: दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर क्यों फंसे हैं BS-6 वाहन? नियमों की सख्ती में दबी एक पिता की पुकार

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेखक के बारे में
img
आईएएनएस
News agency
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India-Oman FTA 2025, India-Oman Trade Relations, Narendra Modi, Piyush Goyal Muscat Visit, PM Modi Oman Visit
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com