- मनीष तिवारी को पंजाब कांग्रेस की चुनावी टीम से बाहर रखा गया है
- चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने इसे लेकर काफी नाराजगी जताई है
- तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है.. जो होगा सो होगा
पंजाब चुनाव को लेकर कांग्रेस ने जो नई टीम बनाई उसे लेकर पार्टी के भीतर ही विवाद शुरू हो गया है. विवाद की वजह बनी है मनीष तिवारी को इस टीम में जगह नहीं दिया जाना. तिवारी इस बात से खफा हैं और सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं, वहां कांग्रेस से जुड़े सूत्र तिवारी को चंडीगढ़ का सांसद बताकर पार्टी के फैसले को सही साबित करने में जुटे हैं.
चंडीगढ़ से सांसद हैं तिवारी
मनीष तिवारी चंडीगढ़ से सांसद हैं. इससे पहले वे लुधियाना और आनंदपुर साहिब सीट से भी सांसद रह चुके हैं. जाहिर में पंजाब की राजनीति में उनकी पकड़ है. इसके बावजूद कांग्रेस ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जब अपनी टीम का ऐलान किया तो इसमें मनीष तिवारी का नाम गायब था. पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि मनीष तिवारी चंडीगढ़ से सांसद हैं जो पंजाब से बाहर है. इसलिए उन्हें पंजाब की चुनावी टीम में शामिल नहीं किया गया और ना ही इससे जुड़ी चर्चा में ही शामिल किया गया.
तिवारी हैं बेहद नाराज
हालांकि तिवारी के करीबी इस तर्क को खारिज करते हैं. उनका कहना है कि चंडीगढ़ ना केवल पंजाब की राजधानी है. बल्कि चंडीगढ़ पर पंजाब का दावा रहा है. ये बहुत अजीब बात है कि कांग्रेस नेतृत्व पंजाब को चंडीगढ़ से बाहर मानता है. चंडीगढ़ से पहले तो मनीष तिवारी लुधियाना और आनंदपुर साहिब से ही सांसद थे. यहां तक कि वो पंजाब से ही अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य भी हैं.
एक्स पर तिवारी का पोस्ट
मनीष तिवारी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया , 'हुनर होना अपने आप में बड़ा अवगुण है. काश मेरे पास लोगों की असुरक्षा खत्म करने का कोई तरीका होता! फिर भी, कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 साल में बहुत कुछ दिया है और मैंने दशकों से अपना जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया.' जो होगा सो होगा...
क्या करेगी कांग्रेस?
पंजाब से कांग्रेस सांसद अमर सिंह से जब एनडीटीवी ने इसे लेकर सवाल किया तो उनका कहना था कि मनीष तिवारी अच्छे वक्ता हैं. ये उनके और पार्टी आलाकमान के बीच का मामला है. वो पार्टी के खिलाफ नहीं हैं. क्या पता आगे उन्हें कोई जिम्मेदारी दी जाए. उन्होंने कहा कि जो भी नाराज है उसे कांग्रेस आलाकमान से बात करना चाहिए. आलाकमान ने सबको सुन कर फैसला लिया और ठीक फैसला लिया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं