- कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम के दो अंतरे गाए जाने को अपमान बताया है
- शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम को स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक करार दिया है
- उन्होंने संसद के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि वंदे मातरम का अपमान अब अपराध माना जाएगा
कांग्रेस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाने को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. इस मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम का सम्मान पूरे देश की जिम्मेदारी है और इसका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता.
'वंदे मातरम के उद्घोष के साथ स्वतंत्रता सेनानी फांसी पर झूले'
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है! वह वंदे मातरम जिसका उद्घोष करते हुए हजारों स्वतंत्रता सेनानी फांसी पर झूल गए थे आज वह सौभाग्य का दिन आया है." उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है.
संसद के फैसले का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "संसद ने यह तय कर दिया है. वंदे मातरम पूरा गया जाएगा और वंदे मातरम का अपमान अपराध होगा." उन्होंने कहा कि यह गीत देश की पहचान, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा हुआ है.
'वंदे मातरम का अपमान देश का अपमान'
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "वंदे मातरम प्रतीक है हमारे राष्ट्रीय गौरव का, हमारी संस्कृति का." उन्होंने आगे कहा, "वंदे मातरम का अपमान हमारे देश का अपमान है. भारत माता का अपमान है और अब यह अपराध है."
कांग्रेस पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम नहीं गाए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने अगर पूरा वंदे मातरम नहीं गाया तो यह भयानक अपराध किया है और जिन्होंने यह कृत्य किया है उसके उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए." इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया, "क्या वे संविधान के ऊपर हैं?"
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "अब वंदे मातरम पूरा गया जाएगा और ना गाना एक अपराध होगा." उनके इस बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं.
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