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लंदन में आंबेडकर का घर खरीदवा कर चर्चा में आए थे विनोद तावड़े, जानें उस घर का क्या है इतिहास

डॉक्टर बीआर आंबेडकर लंदन के 10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 स्थित घर में दो बार रहे थे. उस घर को खरीदने में महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री के रूप में विनोद तावड़े ने विशेष योगदान दिया था. उस घर को महाराष्ट्र सरकार ने आंबेडकर संग्रहालय के रूप में विकसित किया था.

लंदन में आंबेडकर का घर खरीदवा कर चर्चा में आए थे विनोद तावड़े, जानें उस घर का क्या है इतिहास

बीजेपी की नई टीम की घोषणा सोमवार को की गई. बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के अलावा आठ महासचिवों को शामिल किया है.इसमें महाराष्ट्र के नेता विनोद तावड़े का नाम भी शामिल है. तावड़े को पहली बार महासचिव बनाया गया है. मंगलवार को उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाने की घोषणा की गई. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. तावड़े का नाम पहली बार तब सुर्खियों में आया था, जब उन्होंने लंदन में उस घर को खरीदने की घोषणा की थी, जिसमें बाबा साहब भीमराव आंबेडकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान रहे थे. महाराष्ट्र सरकार ने उस घर को करीब 40 करोड़ रुपये में खरीदा था. बाद में इस घर को एक म्यूजियम का रूप दिया गया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2015 में किया था.यह सब तब हुआ जब तावड़े महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री थे. 

लंदन के किस घर में रहते थे डॉक्टर अंबेडकर

मामला दरअसल यह था कि कुछ भारतीयों ने लंदन के  10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 पर 'फॉर सेल' का बोर्ड लगा देखा था. यह देखकर फेडरेशन ऑफ अंबेडकराइट्स एंड बुद्धिस्ट ऑर्गनाइजेशन (एफएबीओ) यूके ने भारत सरकार को पत्र लिखकर इसे ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण स्मारक के रूप में खरीदने की अपील की थी. उस समय केंद्र और महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी. उसने घर को खरीदने की अनमनी कोशिश की,लेकिन बात परवान नहीं चढ़ पाई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया. 

इसके बाद केंद्र और महाराष्ट्र की सरकारें बदल गईं. केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृ्त्व में सरकार बनी तो महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में. महाराष्ट्र सरकार में विनोद तावड़े को शिक्षा मंत्री बनाया गया. इसके बाद महाराष्ट्र सरकार 10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 को खरीदने के लिए सक्रिय हुई. महाराष्ट्र सरकार ने इस घर को खरीदने की इजाजत केंद्र सरकार से मांगी. केंद्र की मंजूरी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सर्वेयर और सॉलिसिटर की नियुक्ति के लिए पांच करोड़ रुपये जारी किए थे.

Ambedkar Memorial, London, UK

लंदन में उस मकान के बाहर लगा आंबेडकर स्मारक का बोर्ड जिसमें बाबा साहेब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान रहे थे.
Photo Credit: PMO, India

तावड़े ने जनवरी 2015 में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को लिखे पत्र में कहा था,''यह आवास सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व का है और भारत के लाखों लोगों के लिए गौरव का विषय है. महाराष्ट्र सरकार ने लंदन स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के आवास को खरीदने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है. इसलिए मैं 10, किंग हेनरीज रोड, लंदन एनडब्ल्यू3 को खरीदने के लिए यह आशय पत्र भेज रहा हूं.'' 

उन्होंने मार्च 2015 में कहा था कि डॉक्टर आंबेडकर का यह आवास उनकी जयंती पर 14 अप्रैल से आम जनता के लिए खुला रहेगा. 

लंदन के  10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 को खरीदने में विनोद तावड़े ने विशेष योगदान दिया था.

लंदन के 10, किंग हेनरी रोड, एनडब्ल्यू3 को खरीदने में विनोद तावड़े ने विशेष योगदान दिया था.

कितना बड़ा है डॉक्टर आंबेडकर का घर

2050 वर्ग फुट के इस घर में बाबा साहब आंबेडकर दो बार रहे थे. लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग की बेवसाइट के मुताबिक लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान डॉक्टर आंबेडकर पहली बार तब रहे जब अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद पढ़ने के लिए लंदन आए थे. उस समय वो 1916 से 1917 तक इस घर में रहे थे. दूसरी बार वो 1920 में भारत से लौटने के बाद.उन्हें 1922 में लंदन में वकीलों के संगठन ग्रेज इन में शामिल किया गया था. लंदन में वकालत करने के लिए ग्रेज इन का सदस्य होना जरूरी था.

लंदन के इसी मकान में बाबा साहेब डॉक्टर बीआर आंबेडकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान रहे थे.

लंदन के इसी मकान में बाबा साहेब डॉक्टर बीआर आंबेडकर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान रहे थे.
Photo Credit: BBC

छह कमरों वाले इस घर को महाराष्ट्र सरकार ने स्मारक के रूप में विकसित किया. इसके शुरूआती काम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 नवंबर 2015 को किया था. साल 2020 में इस घर को संग्रहालय का रूप देकर आम लोगों के लिए खोल दिया गया था. हालांकि बाद में ब्रिटेन की कैमडेन परिषद ने इस पर आपत्ति जता दी थी. उसका कहना था कि चार मंजिला इमारत को संग्रहालय के रूप में उपयोग करने की इजाजत नहीं है. इसे आवासीय उपयोग में वापस लाया जाना चाहिए. 

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