- कर्नाटक विधानसभा ने विनय कुलकर्णी को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने पर अयोग्य घोषित कर दिया है.
- धारवाड़ विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है और कुलकर्णी की सदस्यता रद्द कर दी गई है.
- बेंगलुरु की विशेष अदालत ने विनय कुलकर्णी को योगेश गौड़ा हत्या मामले में दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है.
कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को बेंगलुरु की एक अदालत की ओर से आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद कर्नाटक विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया है. साथ ही धारवाड़ विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर दी गई है. हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि पर रोक लगाए जाने तक कुलकर्णी अपनी रिहाई के बाद 6 साल तक अयोग्य बने रहेंगे.
कर्नाटक विधानसभा की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक धारवाड़ विधानसभा सीट से कर्नाटक विधानसभा सदस्य विनय कुलकर्णी को दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई है. नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि सजा पर रोक न लगने की स्थिति में रिहाई के बाद भी 6 साल तक अयोग्यता लागू रहेगी. इसके साथ ही विधानसभा की एक सीट रिक्त घोषित कर दी गई है.
विनय कुलकर्णी पर क्या आरोप है?
बता दें कि बेंगलुरु में विधायकों/सांसदों के लिए बनी एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में विनय कुलकर्णी और 16 अन्य आरोपियों को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत ने आपराधिक साजिश और हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है. साथ ही, अदालत ने पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर 16 लाख रुपए देने का भी निर्देश दिया और आरोपियों पर कुल 12.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया.
यह मामला वर्ष 2016 का है, जिसमें विनय कुलकर्णी को आरोपी संख्या 15 बनाया गया था. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी थी. आरोप सामने आने के समय कुलकर्णी मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री थे. योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ शहर के एक जिम में हमलावरों के एक समूह ने धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी थी. बताया गया कि उन्होंने राजनीतिक रूप से कुलकर्णी को चुनौती दी थी, जिसके बाद यह विवाद बढ़ा.
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