- वीडी सतीशन ने छात्र राजनीति से शुरुआत कर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा को मजबूत किया है.
- सतीशन ने परवूर विधानसभा क्षेत्र से चार बार लगातार जीत हासिल कर मजबूत जनाधार बनाया है.
- वे उच्च न्यायालय में वकालत करते हैं और वित्त मंत्रालय की गहरी समझ रखते हैं.
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हमें बताएं।- छात्र आंदोलन से उभरकर केरल की सबसे मुखर विपक्षी आवाजों में से एक बने वीडी सतीशन ने खुद को रणनीतिक तौर पर कुशल नेता के रूप में स्थापित किया है, जो कानूनी समझ और राजनीतिक चतुराई का संयोजन करते हुए हाल के वर्षों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा को फिर से मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं.
- एर्नाकुलम जिले के नेट्टूर निवासी सतीशन की राजनीति में शुरुआती पकड़ एस. एच. कॉलेज, थेवरा में छात्र राजनीति में सक्रियता के जरिये बनी और बाद में उन्होंने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में छात्र नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं.
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) में एक पदाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल ने कांग्रेस के संगठन में उनकी पहुंच और पहचान को मजबूती दी.
- सतीशन को वन्य जीवन से खास लगाव है और वे किताबें पढ़ने के बेहद शौकीन हैं. वे रोज़ाना कम से कम 50 पृष्ठ पढ़ते हैं. उन्होंने पश्चिमी घाट की सभी चोटियों पर चढ़ाई की है.
- वैचारिक रूप से वे स्वयं को धर्मनिरपेक्ष मानते हैं और नायर जाति से होने के बावजूद उनका नायर सर्विस सोसाइटी से कोई जुड़ाव नहीं है.
- राजनीति में उन्हें एक गंभीर विचारक और ज़मीनी स्तर के जन नेता के रूप में देखा जाता है. उनकी पहचान एक बेबाक नेता की भी है. साथ ही, उन्हें वित्त मंत्रालय की गहरी समझ रखने वाला अत्यंत जानकार नेता माना जाता है.
- उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले सतीशन का चुनावी सफर 1990 के दशक के मध्य में परवूर विधानसभा क्षेत्र से एक हार के साथ शुरू हुआ. लेकिन उन्होंने इस असफलता को जल्द ही एक नये अवसर में बदल दिया.
- अपने अगले प्रयास में उन्होंने शानदार जीत हासिल की और इसके बाद लगातार इस सीट को बरकरार रखते हुए दो दशक से अधिक समय में मजबूत जमीनी पकड़ बनाई.
- पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के निष्ठावान समर्थक रहे सतीशन ने परवूर से 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज की. इस प्रकार विधानसभा की राजनीति में उनका 25 वर्षों से अधिक का सफर तय हुआ है. उन्होंने वर्ष 2021 के चुनाव में 21,301 मतों के अंतर से जीत हासिल की, जो उनकी सतत चुनावी पकड़ को दर्शाता है.
- पार्टी के भीतर उन्होंने संगठनात्मक भूमिकाएं भी निभाई हैं, जिनमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं. अपनी व्यवस्थित कार्यशैली के लिये चर्चित सतीशन ने किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखने से पहले उसे गहराई से समझने की आदत के कारण अपनी अलग पहचान बनाई.
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