- रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है
- भाजपा और सीपीआई(एम) ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाए और कांग्रेस पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में इसी तरह की नियुक्ति की आलोचना की थी
केरलम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रहे रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. इस नियुक्ति पर कांग्रेस निशाने पर आ गई है. बीजेपी के साथ-साथ CPI(M) ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं, सरकार ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति करने का अधिकार सरकार का है.
रतन यू. केलकर 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और हाल ही में केरल विधानसभा चुनाव के दौरान वह मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) थे.
नियुक्ति पर छिड़ा सियासी संग्राम
इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी नेता के. सुरेंद्रन ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चुनाव अधिकारियों से जुड़ी नियुक्तियों के मामले में दोहरा रवैया अपना रही है. सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'पश्चिम बंगाल में जब बीजेपी ने ऐसा किया, तो उसे वोट चोरी का इनाम बताया गया. लेकिन केरल में जब वीडी सतीशन ऐसा कर रहे हैं, तो उसे लोकतंत्र की खूबसूरती कहा जा रहा है. राहुल और उनकी टीम दोनों सबसे बड़े पाखंडी हैं.'

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए वहां पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाए जाने पर सवाल उठाए थे. राहुल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत है. उन्होंने कहा था कि 'जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम'.
इस फैसले को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी लेफ्ट पार्टियों के निशाने पर भी आ गई है. CPI(M) के नेता और पूर्व मंत्री पी. राजीव ने इस नियुक्ति की आलोचना की और केरल में कांग्रेस से इस पर सफाई मांगी है.
“The appointment of Kerala Chief Electoral Officer Rathan Kelkar as the Secretary to the newly appointed Chief Minister casts shadow on the fairness of the elections conducted in the state of Kerala. In Bengal, Rahul Gandhi had said “bigger the theft, bigger the reward”… pic.twitter.com/8rO7koVEmt
— CPI (M) (@cpimspeak) May 24, 2026
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि उसने केरल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त करने पर क्या रुख अपनाया है, जबकि राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में इसी तरह की एक नियुक्ति का कड़ा विरोध किया था.
CPI(M) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने भी इसे लेकर राहुल गांधी को घेरा. उन्होंने कहा कि 'जब पश्चिम बंगाल में एक पूर्व निर्वाचन अधिकारी को एक महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसकी कड़ी आलोचना की थी. लेकिन जब केरल में ऐसा ही कदम उठाया जाता है, तो केसी वेणुगोपाल कहते हैं कि यह शासन में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है. यह साफ तौर पर दोहरा मापदंड है.'
उन्होंने दावा किया कि हाल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कई मुद्दों को लेकर केलकर को केरल में व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा था.
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कांग्रेस और सरकार का क्या है कहना?
कांग्रेस नेता इस फैसले पर कहने से बच रहे हैं, जबकि केरल सरकार इस फैसले का बचाव कर रही है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पद पर अधिकारी की नियुक्ति को लेकर पूछे गए सवालों का सीधे जवाब देने से परहेज किया.
वेणुगोपाल ने कहा कि ऐसे मामलों में फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार का है. उन्होंने कहा कि 'ऐसे मामलों पर मेरी कोई राय नहीं है. जो लोग सरकार में हैं, उन्हें फैसले लेने दें.'
वहीं, केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने नियुक्ति का बचाव किया और कहा कि सरकार को सक्षम अधिकारियों को अहम प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि 'रतन केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त करना सरकार का विशेषाधिकार है. वह एक सक्षम अधिकारी हैं. इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है.'
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