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This Article is From Jan 20, 2020

कौन हैं जेपी नड्डा, जानिए उनके बारे में ये 5 बातें

JP Nadda उर्फ जगत प्रकाश नड्डा (Jagat Prakash Nadda) का जन्म 2 दिसंबर 1960 को पटना में हुआ था. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1975 में संपूर्ण क्रांति आंदोलन का हिस्सा बन कर की थी. इसके बाद वह अखिल भारतीय विद्यायर्थी परीशद में शामिल हो गए थे.

कौन हैं जेपी नड्डा, जानिए उनके बारे में ये 5 बातें
जेपी नड्डा ने एबीवीपी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.
  • जेपी नड्डा ने एबीवीपी से शुरू किया था अपना राजनीतिक करियर
  • 31 की उम्र में बने थे बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • अब बनाए गए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जेपी नड्डा को अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है. बता दें, अमित शाह (Amit Shah) के बाद उन्हें पार्टी का मास्टर रणनीतिकार (Master Strategist) माना जाता है. कहा जाता है कि जेपी नड्डा (JP Nadda) पीएम मोदी और अमित शाह के काफी करीबी हैं. बता दें, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी. इस दौरान वह विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव भी रहे थे. नड्डा को राज्य और केंद्रीय संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है.

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ABVP से शुरू किया था राजनीतिक करियर
जेपी नड्डा उर्फ जगत प्रकाश नड्डा (Jagat Prakash Nadda) का जन्म 2 दिसंबर 1960 को पटना में हुआ था. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1975 में संपूर्ण क्रांति आंदोलन का हिस्सा बन कर की थी. इसके बाद वह अखिल भारतीय विद्यायर्थी परीशद (ABVP) में शामिल हो गए थे. जब जेपी नड्डा ने पटना विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई शुरू की थी, तब उनके पिता एनएल नड्डा विश्वविद्यालय के कुलपति थे.

1977 में बने थे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव
1977 में जेपी नड्डा ने एबीवीपी (ABVP) के टिकट पर चुनाव लड़ा और पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के सचिव चुने गए. इसके साथ ही वह एबीवीपी में अधिक एक्टिव हो गए और कई अलग-अलग काम किए. पटना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने हिमाचल विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई पूरी की. जेपी नड्डा की पत्नी डॉ. मलिका नड्डा, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ाती हैं. मलिका खुद भी एबीवीपी का हिस्सा रह चुकी हैं और 1988 से 1999 के बीच वह इसकी राष्ट्रीय सचिव भी थीं. 

1989 में संभाली थी पहली बड़ी जिम्मेदारी
वर्ष 1989 में आयोजित लोकसभा चुनावों के दौरान, जेपी नड्डा को बीजेपी की युवा शाखा के चुनाव प्रभारी के रूप में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उस वक्त वह सिर्फ 29 साल के थे.

31 की उम्र में बने थे BJP यूवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
1991 में, उन्हें 31 साल की उम्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था. बाद में, वह हिमाचल प्रदेश से विधानसभा चुनाव लड़े और तीन बार जीते. वह तीन कार्यकालों के लिए हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रहे हैं - 1993 से 1998, 1998 से 2003 तक और फिर 2007-2012 तक. इसके अलावा वह वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे मंत्रालयों को भी संभाला चुके हैं. अपनी प्रसिद्ध उपलब्धियों के तहत, उन्हें एक ऐसे मंत्री के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने वन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य में प्रभावी रूप से वन पुलिस स्टेशन स्थापित किए. उन्हें शिमला में हरित आवरण को बढ़ाने का भी श्रेय दिया गया है और इस उद्देश्य के लिए वह राज्य में कई वृक्षारोपण अभियान शुरू करने में लगे हुए हैं.

कई देशों में किया है भारत का प्रतिनिधित्व
जे पी नड्डा ने भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के हिस्से के रूप में कोस्टा रिका, ग्रीस, तुर्की, ब्रिटेन, कनाडा आदि सहित कई देशों का दौरा किया है.

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