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पुलिस ASI का बेटा बन गया गैंगस्टर.. कौन है गोल्डी बराड़ जिसपर FBI ने घोषित कर दिया लाखों का इनाम

गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने बड़ा इनाम घोषित कर दिया है. कभी लॉरेंस बिश्नोई का खासमखास गोल्डी इस वक्त कनाडा में रहता है.

पुलिस ASI का बेटा बन गया गैंगस्टर.. कौन है गोल्डी बराड़ जिसपर FBI ने घोषित कर दिया लाखों का इनाम
गोल्डी बराड़ पर FBI ने घोषित किया इनाम (फोटो-NDTV)
नई दिल्ली:

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के एक सामान्य परिवार में जन्मा सतविंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ आज भारत के सबसे मोस्ट वांटेड गैंगस्टर्स में गिना जाता है. कभी छात्र राजनीति का हिस्सा रहा गोल्डी आज हत्या, रंगदारी, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध का बड़ा चेहरा बन चुका है. भारत सरकार उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर चुकी है. अब अमेरिका, कनाडा और भारत की जांच एजेंसियां भी उसके नेटवर्क पर शिकंजा कस रही हैं.

अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह गोल्डी बराड़ पर 50 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित कर दिया है. लॉरेंस बिश्नोई से लेकर गोल्डी बराड़ तक एफबीआई ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत बड़ी कार्रवाई की है.

अपराध की दुनिया में यूं पड़े कदम 

गोल्डी बराड़ का जन्म पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में हुआ. उसके पिता पंजाब पुलिस में एएसआई थे। परिवार चाहता था कि बेटा पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करे, लेकिन कॉलेज के दिनों में उसकी जिंदगी ने दूसरा मोड़ ले लिया. चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से हुआ। इसी दौरान वह SOPU (स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी) के करीब आया और उसकी मुलाकात लॉरेंस बिश्नोई से हुई. उस समय लॉरेंस छात्र राजनीति में सक्रिय था और धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क तैयार कर रहा था. यही दोस्ती आगे चलकर उत्तर भारत के सबसे चर्चित गैंग गठजोड़ में बदल गई.

2017 में चला गया कनाडा 

परिवार को लगने लगा कि गोल्डी गलत संगत में पड़ चुका है. इसी वजह से उसे 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा भेज दिया गया. ओंटारियो पहुंचने के बाद उसने शुरुआती दिनों में ट्रक ड्राइवर, कूरियर बॉय और दूसरे छोटे-मोटे काम किए. लेकिन कनाडा पहुंचने के बाद भी उसका संपर्क लॉरेंस और पंजाब के अपराधियों से बना रहा। धीरे-धीरे उसने विदेश में बैठकर गैंग चलाने की रणनीति तैयार कर ली.

गुरलाल बराड़ की हत्या बनी टर्निंग प्वाइंट

अक्टूबर 2020 में चंडीगढ़ के एक नाइट क्लब के बाहर गोल्डी के ममेरे भाई गुरलाल बराड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. गुरलाल लॉरेंस बिश्नोई का बेहद करीबी था और इस हत्या का आरोप प्रतिद्वंद्वी बंबीहा गैंग पर लगा. जांच एजेंसियों के मुताबिक, यही घटना गोल्डी के अपराधी जीवन का सबसे बड़ा मोड़ बनी. उसने बदला लेने की ठान ली और विदेश में बैठकर टारगेट किलिंग, रंगदारी और गैंगवार का बड़ा नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया.

लॉरेंस का सबसे भरोसेमंद साथी

जब लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेलों में बंद था, तब गैंग के विदेशी नेटवर्क की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने संभाली. जांच एजेंसियों के मुताबिक, लॉरेंस जेल से निर्देश देता था, जबकि गोल्डी कनाडा और बाद में अमेरिका से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था. इसी वजह से उसे लॉरेंस का राइट हैंड कहा जाने लगा. गोल्डी बराड़ का काम करने का तरीका पारंपरिक गैंगस्टरों से अलग था. वह खुद कभी वारदात वाली जगह नहीं जाता था, बल्कि विदेश में बैठकर पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करता था. जांच एजेंसियों के अनुसार वह Signal, Telegram, Threema जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म, इंटरनेट कॉलिंग और वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर भारत में अपने गुर्गों से संपर्क करता था. उसका सबसे बड़ा हथियार था आउटसोर्सिंग मॉडल. वह एक राज्य से शूटर चुनता, दूसरे राज्य से हथियार मंगवाता और तीसरे राज्य में वारदात कराता. कई मामलों में बेरोजगार और कम उम्र के युवाओं को पैसों और हथियारों का लालच देकर गैंग में शामिल करने के आरोप भी लगे.

हवाला, क्रिप्टो और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

जांच एजेंसियों का आरोप है कि गोल्डी का नेटवर्क रंगदारी से जुटाए गए करोड़ों रुपये हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजता था. कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलरों, शराब कारोबारियों, पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों और बड़े सटोरियों से रंगदारी मांगने के कई मामले सामने आए. भारतीय एजेंसियों का यह भी आरोप है कि उसका नेटवर्क पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे जाने वाले हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मॉड्यूल के संपर्क में था.

अमेरिका तक फैला नेटवर्क

हालिया अमेरिकी जांच में गोल्डी बराड़ के नेटवर्क को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सतविंदरजीत सिंह अमेरिका में मौजूद है और उत्तर अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का कथित प्रमुख माना जाता है. अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका और कनाडा में भी सक्रिय है. इस पर राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश, शूटआउट, अपहरण, रंगदारी, हमले, ड्रग्स तस्करी और हथियारों की सप्लाई जैसे गंभीर आरोप हैं.

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आया नाम 

29 मई 2022 को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी बराड़ पूरी दुनिया की नजर में आ गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि उसने विदेश में बैठकर पूरे ऑपरेशन का समन्वय किया और जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई तथा बाहर मौजूद शूटरों के बीच कड़ी का काम किया. इसके अलावा यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल पहलवान की हत्या, डेरा सच्चा सौदा समर्थक प्रदीप सिंह हत्याकांड और कई अन्य टारगेट किलिंग मामलों में भी उसका नाम सामने आया.

सलमान खान को धमकियां

गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई का नाम अभिनेता सलमान खान को दी गई जान से मारने की धमकियों से भी जुड़ा. जांच एजेंसियों के अनुसार ई-मेल, सोशल मीडिया संदेश और मुंबई स्थित उनके घर के बाहर हुई फायरिंग की साजिश में इस सिंडिकेट की भूमिका की जांच हुई.

लॉरेंस और गोल्डी के रिश्तों में आई दरार

कई सालों तक दोनों की जोड़ी अपराध जगत की सबसे मजबूत साझेदारी मानी जाती थी. लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच मतभेद की चर्चाएं सामने आने लगी हैं. सूत्रों के मुताबिक, गैंग के आर्थिक हितों, विदेश में बैठे मॉड्यूल पर नियंत्रण, नए सहयोगियों और फैसलों को लेकर मतभेद बढ़े.

आतंकवादी घोषित और वैश्विक शिकंजा

जनवरी 2024 में भारत सरकार ने गोल्डी बराड़ को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए कनाडा तथा अमेरिका सहित कई देशों के साथ समन्वय बढ़ाया गया. हाल के दिनों में अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय मूल के संगठित अपराध नेटवर्क पर संयुक्त कार्रवाई की है. अमेरिकी चार्जशीट में गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और जग्गू भगवानपुरिया सहित कई गैंगस्टरों का जिक्र किया गया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क हत्या, रंगदारी, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक साजिशों में शामिल रहा है.

कनाडा में ठिकाना बदल रहा है गोल्डी 


खुफिया एजेंसियों का मानना है कि कनाडा में दबाव बढ़ने के बाद गोल्डी ने कई बार अपना ठिकाना बदला और अमेरिका में भी अलग-अलग जगहों पर छिपकर रहने की कोशिश की. वह लगातार अपनी पहचान, संचार के तरीके और नेटवर्क बदलता रहा ताकि जांच एजेंसियों की पकड़ से बच सके. पंजाब पुलिसन हाल ही में उसके माता पिता को भी गिरफ्तार किया है।NIA ने भी उस पर 10 लाख का इनाम घोषित किया है,आरोप है कि उसके संबंध खालिस्तानी संगठनों से भी हैं और वो पाकिस्तान के रास्ते हथियार और गोला बारूद भिजवाता है.

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