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कौन हैं वकील हरिशंकर जैन और विष्णु जैन? काशी, मथुरा और भोजशाला समेत धर्मस्थल विवादों के 100 से ज्यादा केस लड़ रहे

हरिशंकर जैन और उनके पुत्र विष्णु शंकर जैन ने भारत के कई धार्मिक विवादों में हिंदू पक्ष की पैरवी की है, जिनमें भोजशाला मामला भी शामिल है. हरिशंकर जैन को वकालत करते-करते करीब 50 साल हो गए हैं. उन्होंने 1976 में वकालत शुरू की थी.

कौन हैं वकील हरिशंकर जैन और विष्णु जैन? काशी, मथुरा और भोजशाला समेत धर्मस्थल विवादों के 100 से ज्यादा केस लड़ रहे
  • हरिशंकर और उनके पुत्र विष्णु प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े 100 से अधिक हाई प्रोफाइल मामलों में पैरवी की है
  • हरिशंकर जैन ने लगभग पचास वर्षों से हिंदू धार्मिक अधिकारों और मंदिर विवादों में सक्रिय भूमिका निभाई है
  • अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में हरिशंकर जैन ने अदालत को बताया कि रामलला कई दिनों से भूखे हैं
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नई दिल्‍ली:

अयोध्या, संभल मस्जिद, कुतुबमीनार, ज्ञानवापी और मथुरा के बाद अब भोजशाला... भारत में मंदिरों से जुड़े मामलों में आपने हरिशंकर जैन और उनके बेटे विष्‍णु शंकर जैन का नाम जरूर सुना होगा. भोजशाला मामले में हिंदू पक्ष की पैरवी भी मध्‍य प्रदेश हाई कोर्ट में विष्‍णु शंकर जैन ने ही की थी, जिसका फैसला आने के बाद एक बार फिर पिता-पुत्र की जोड़ी सुर्खियों में हैं. हरिशंकर जैन अब तक हिंदू धार्मिक स्थलों, धार्मिक अधिकारों व विवादों से जुड़े 100 से अधिक हाई प्रोफाइल मामलों में वकालत कर चुके हैं. भोजशाला मामले में हाई कोर्ट के फैसले के बाद विष्णु शंकर जैन ने सोशल मीडिया पर लिखा- "मेरे पूज्य पिताजी हरिशंकर जैन की कठोर मेहनत तपस्या और संघर्ष का परिणाम है कि आज हिंदू समाज यह दिन देख पाया है."

कौन हैं हरिशंकर जैन?

हरिशंकर जैन चर्चितत और सीनियर वकील हैं, जिनकी छवि एक 'हिंदूवादी' की है. देश भर में हरिशंकर जैन को हिंदू धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक मंदिरों से जुड़े विवादित मामलों की पैरवी करने के लिए पहचाना जाता है. हरिशंकर का रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा है, अयोध्‍या केस से लेकर भोजशाला पर आया फैसला इसका गवाह है. वह लंबे समय से अयोध्या में राम जन्मभूमि से जुड़े मुकदमों और उससे जुड़े आंदोलनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे. उस समय वह एक दिन अदालत में याचिका लेकर पहुंच गए थे कि रामलला कई दिनों से भूखे हैं, जिसका कोर्ट पर भावुक असर हुआ था. हरिशंकर जैन को वकालत करते-करते करीब 50 साल हो गए हैं. उन्होंने 1976 में वकालत शुरू की थी. 

पिता-पुत्र की जोड़ी 100+ केस लड़ रही है

  • राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद
  • काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद
  • मथुरा कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह
  • कुतुब मीनार परिसर विवाद (27 हिंदू-जैन मंदिर तोड़कर बनाने का दावा)
  • ताजमहल तेजोमहालय केस- शिवमंदिर होने का दावा
  • संभल जामा मस्जिद- हरिहर मंदिर होने का दावा
  • वक्फ एक्ट 1995 
  • पूजा स्थल अधिनियम 1991 को चुनौती
  • संविधान की प्रस्तावना से 'सोशलिस्ट' और 'सेक्युलर' शब्द हटाने की याचिका

जब अदालत में हरिशंकर ने कहा- रामलला कई दिनों से भूखें हैं 

बात 1992 की है, जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर कर्फ्यू लगा दिया गया था. उस समय अस्थाई ढांचे में विराजमान रामलला की पूजा-अर्चना और भोग पूरी तरह से बंद हो गया था. इसके बाद हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) में एक याचिका दायर की थी. हरिशंकर जैन ने अदालत में भावुक होकर दलील- "देवता पिछले कई दिनों से भूखे हैं." कोर्ट पर हरिशंकर की इस मार्मिक अपील का बड़ा असर हुआ था. इसके बाद 1993 को हाई कोर्ट ने न्यायाधीश हरिनाथ तिलहरी के जरिए रामलला के नियमित दर्शन-पूजन और राजभोग की अनुमति प्रदान कर दी थी. 

कौन हैं विष्‍णु शंकर जैन, जिन्‍होंने भोजशाला केस में की पैरवी

विष्‍णु शंकर जैन ने हरिशंकर जैन के पुत्र हैं, इन्‍होंने ही भोजशाला मामले में हिंदू पक्ष की पैरवी की है. विष्णु शंकर जैन ने कहा कि चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद आज एएसआई के 2100 पन्ने के सर्वे रिपोर्ट के बाद इंदौर हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया. हाई कोर्ट ने इस पूरे परिसर के चरित्र को एक हिंदू मंदिर का चरित्र माना है. साथ ही साथ हाई कोर्ट ने ब्रिटिश संग्रहालय में रखी मां सरस्वती की प्रतिमा को वापस लाने के लिए सरकार से विचार करने को कहा है. विष्णु जैन का जन्म 9 अक्टूबर 1986 को हुआ था और उन्‍होंने भी अपने पिता के नक्‍शेकदम पर चलने का फैसला किया. विष्णु भी अपने पिता के नक्शे-कदम पर चले. उन्होंने साल 2010 में बालाजी लॉ कॉलेज से वकालत की डिग्री हासिल की. इसके बाद वकालत में अपना करियर शुरू कर दिया और पिता के साथ तब से लेकर अब तक हैं.

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ज्ञानवापी में भी ASI सर्वे, विष्‍णु कर रहे पैरवी  

विष्णु शंकर जैन ने वाराणसी की ज्ञानवापी परिसर में हिंदू पक्ष की ओर से पैरवी की और सर्वे, पूजा अधिकार, ASI जांच जैसे मामलों में वह प्रमुख वकील है. मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईद के विवाद में भी उन्होंने हिंदू पक्ष की ओर से पैरवी की है. विष्‍णु शंकर जैन ने आगरा के ताजमहल को भी प्राचीन शिव मंदिर तेजो महालय बताया और याचिका दायर की थी. 40 साल के विष्‍णु शंकर जैन, भोजशाला पर फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर 'हीरो' बन गए हैं. 

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