मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बाबा बागेश्वर धाम के पुजारी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार को खुद अपनी शादी के बारे में खुलासा किया है. दरअसल, बाबा बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के मौके पर 251 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया है. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी यहां मौजूद रहे और सभी नवविवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद दिया.
एनडीटीवी से बात करते हुए जब उनसे पूछा गया कि बागेश्वर धाम और धीरेंद्र शास्त्री एक दूसरे के पर्याय हो गए हैं इसका जवाब देते हुए बागेश्वर बाबा ने कहा, "नहीं लोग जानते हैं लेकिन बागेश्वर बाबा तो बालाजी का नाम है. हमारा नाम धीरेंद्र कृष्ण है और बागेश्वर धाम के नाम से तो बालाजी को ही जाना जा सकता है. उन्ही की महिमा है, उन्ही का प्रभाव है, उन्ही की कृपा है. उनके चरणों की दया से ही ये सब हो रहा है".
हालांकि, हम पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जानने के बाद ही यहां के बारे में लोगों को ज्यादा पता चला इसकी क्या महिमा है? इसपर उन्होंने कहा, "संत जहां भजन करते हैं वहां स्वभाविक रूप से वहां की महिमा का मंडन होता है, तो दादा गुरू जी ने बहुत तप किया. इस काल में तीन जगह हनुमान जी बालाजी के रूप में बैठे हैं - मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी और बागेश्वर बालाजी".
शादी की बात पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "जल्दी ही करेंगे". उनका सहज प्रेम है और उनकी उदारता है और इसी का परिणाम है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 2025 में शादी कर रहे हैं तो इसपर उन्होंने कहा कि जल्द ही करेंगे. महाकुंभ के आखिरी दिन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "हमारा जो देखने का तरीका है, वो ये है कि भारत ने सनातन को प्रेजेंट किया और महाकुंभ ने भारत को प्रेजेंट किया".
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