ये बिल वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा...
वक्फ बिल को लेकर आज का दिन काफी अहम है. क्योंकि वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जारी बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शनों के बीच और जेपीसी की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार आज नए सिरे से इसे लोकसभा में पेश करेगी. सत्तारूढ़ भाजपा, टीडीपी समेत विपक्षी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अपने सांसदों को अगले तीन दिनों के लिए व्हिप जारी किए हैं. ताकि कोई भी सांसद संसद में गैरमौजूद न रहे क्योंकि सांसदों की गैर मौजूदगी किसी का भी गेम बिगाड़ सकती है.
लेकिन सबसे पहले आज बात करते हैं कि आखिर ये वक्फ बिल क्या है, इसमें ऐसा क्या है जो इसका विरोध हो रहा है? विपक्ष और मुस्लिम बोर्ड का इस पर क्या तर्क है और सरकार इसपर क्या कहती है?
वक्फ बिल क्या है?
वक्फ (संशोधन) बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक विधेयक है.
इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है.
वक्फ बिल में क्या बदलाव?
- वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना
- कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देना
- वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान है.
विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का तर्क?
- विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं.
- ये बिल वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा
- ये बिल सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाएगा.
सरकार का तर्क?
- ये बिल वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाएगा.
- दुरुपयोग रोकेगा
- मुस्लिम महिलाओं व गरीबों को फायदा पहुंचाएगा.
अब करते हैं कि क्या लोक सभा में ये बिल आज पास हो पाएगा? नंबर गेम क्या कहता है? लोकसभा में आज पेश होने वाले वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर माना जा रहा है कि इसका पारित होना तय है. वहीं राज्यसभा में भी इस बिल के पारित हो सकता है. इसके पीछे के संख्याबल को देखें तो बिल के पारित होने में कोई परेशानी नजर नहीं आती है, बशर्ते कि एनडीए के सहयोगी दल एकजुट रहें. आइए जानते हैं संसद का गणित.
संसद का नंबर गेम-
- लोकसभा में एनडीए के पास 293 सांसद हैं.
- यहां बहुमत के लिए 272 सांसद चाहिए.
- राज्यसभा में एनडीए के पास 119 सांसद हैं.
- बहुमत के लिए 118 सांसदों का समर्थन चाहिए.
- BJD, BRS, YSR कांग्रेस के स्टैंड का पता नहीं है.
अदालत में विपक्ष देगा चुनौती!
विपक्षी सांसदों के बयानों से लगता है कि वे भी मानकर चल रहे हैं कि संसद में इस विधेयक को रोकना उनके लिए संभव नहीं है. यही कारण है कि वे अब अदालत का रुख करने का फैसला कर चुके हैं. कांग्रेस सांसद और जेपीसी के सदस्य इमरान मसूद ने ऐलान किया है कि बिल पारित होने के बादा इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने मंगलवार को भाजपा के सहयोगी दलों समेत सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे वक्फ विधेयक का कड़ा विरोध करें और किसी भी हालत में इसके पक्ष में मतदान न करें.
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