विज्ञापन
This Article is From Jul 11, 2023

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: तृणमूल कांग्रेस ने 3,700 से अधिक ग्राम पंचायतों पर जीत दर्ज की

राज्य के ग्रामीण इलाकों की 73,887 सीट के लिए शनिवार को हुए मतदान में 5.67 करोड़ लोग मतदान करने के पात्र थे. पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है. राज्य में 2003 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान 76 लोगों की मौत हो गयी थी जिसमें से करीब 40 लोगों की मौत मतदान वाले दिन हुई थी.

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: तृणमूल कांग्रेस ने 3,700 से अधिक ग्राम पंचायतों पर जीत दर्ज की

पश्चिम बंगाल में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 63,229 ग्राम पंचायतों में से 3,700 से अधिक पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि अन्य 3,167 पंचायतों में उसके उम्मीदवार आगे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 673 सीट पर जीत दर्ज की है और 782 पर उसके उम्मीदवार आगे हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 241 सीट पर जीत दर्ज की है और 627 से अधिक ग्राम पंचायत सीट पर आगे है, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस 107 ग्राम पंचायत सीट पर जीत दर्ज की तथा 241 अन्य पर आगे है.

अधिकारियों ने बताया कि करीब 74,000 सीट पर हुए त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार सुबह आठ बजे शांतिपूर्ण ढंग से जारी है. इनमें ग्राम पंचायत सीट के अलावा 9,730 पंचायत समिति की सीट और 928 जिला परिषद सीट शामिल हैं. राज्य के 22 जिलों में करीब 339 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. राज्य में करीब 74,000 सीट पर पंचायत चुनाव हुए थे. सबसे अधिक 28 मतगणना केंद्र दक्षिण 24 परगना जिले में है जबकि सबसे कम चार मतगणना केंद्र कलिम्पोंग में हैं. राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना के अगले दो दिन जारी रहने की उम्मीद है। मतों की गिनती और नतीजे आने में वक्त लगेगा.''

सभी मतगणना केंद्रों पर राज्य पुलिस तथा केंद्रीय बलों के सशस्त्र कर्मी तैनात हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मतगणना केंद्र के बाहर आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 लागू की गई है। 22 जिलों में कुल 767 ‘स्ट्रांगरूम' स्थापित किए गए हैं. पश्चिम बंगाल में शनिवार को हुए पंचायत चुनाव में व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई थी जिसमें 15 लोगों की मौत हो गयी। मतदान के दौरान मत पेटियां लूटी गयी, मतपत्रों में आग लगायी गयी और कई स्थानों पर प्रतिद्वंद्वियों पर बम भी फेंके गए.

शनिवार को हुए चुनाव में 80.71 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि सोमवार को राज्य के जिन 696 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हुआ, वहां शाम पांच बजे तक 69.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. हिंसा और मतपेटियों से छेड़छाड़ की खबरें आने के बाद इन मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान कराने का फैसला किया गया था.

राज्य के ग्रामीण इलाकों की 73,887 सीट के लिए शनिवार को हुए मतदान में 5.67 करोड़ लोग मतदान करने के पात्र थे. पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है. राज्य में 2003 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान 76 लोगों की मौत हो गयी थी जिसमें से करीब 40 लोगों की मौत मतदान वाले दिन हुई थी.

बहरहाल, इस बार विपक्षी दलों ने 90 प्रतिशत से अधिक सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं. 2018 के पंचायत चुनाव में तृणमूल ने 34 प्रतिशत सीट पर निर्विरोध चुनाव जीता था. उस समय तृणमूल ने 90 प्रतिशत सीट पर जीत दर्ज की थी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
West Bengal News, West Bengal Panchayat Election 2023, Election With NDTV
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com