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क्या बंगाल में बढ़ा हुआ मतदान दिलाएगा बीजेपी को सत्ता, क्या कहते हैं आंकड़े

इस बार के विधानसभा चुनाव में 2021 के चुनाव की तुलना में 7.27 फीसदी अधिक मतदान हुआ है. क्या यह बढ़ा हुआ मतदान पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने में सहायक होगा.

क्या बंगाल में बढ़ा हुआ मतदान दिलाएगा बीजेपी को सत्ता, क्या कहते हैं आंकड़े
नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल विधासभा चुनाव के मतदान के बाद आए कई एग्जिट पोल में बीजेपी की सरकार बनती हुई दिख रही है. वहीं कुछ ने ममता बनर्जी की सत्ता बरकरार रखने की भी संभावना जताई है. राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है. चुनाव आयोग के मुताबिक दोनों चरणों को मिलाकर कुल 92.47 फीसदी मतदान हुआ है. आयोग के मुताबिक पहले चरण में 93.19 और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को शाम पौन आठ बजे तक 91.66 फीसदी मतदान हुआ था.  इस बार के चुनाव में 2021 के चुनाव की तुलना में 7.27 फीसदी अधिक मतदान हुआ है. राजनीतिक विश्लेषकों को इस बढ़े हुए मतदान में ही बीजेपी की सरकार बनने की संभावना नजर आ रही है. आइए देखते हैं क्या है संभावना.

बढ़ें हुए मतदान में क्या छिपा है रहस्य

चुनाव विश्लेषक इस बढ़े हुए मतदान में ही बीजेपी की सरकार बनने की संभावना देख रहे हैं. राज्य में पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 7.67 फीसदी अधिक मतदान हुआ है. इससे पहले 2021 के चुनाव 85.2 फीसदी मतदान हुआ था. उस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 48.5 और बीजेपी को 38.4 फीसदी वोट मिले थे. इस तरह इस चुनाव में बीजेपी अपने वोट शेयर में करीब चार फीसदी को बढ़ोतरी करते हुए नजर आ रही है. वहीं तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर करीब आठ फीसदी कम होता हुआ नजर आ रहा है. 

तृणमूल कांग्रेस ने 2011 में सीपीएम के नेतृत्व वाले वाममोर्चा को हराकर पहली बार सरकार बनाई थी. उस चुनाव में 2006 के चुनाव की तुलना में 2.36 फीसदी अधिक मतदान हुआ था. उस चुनाव में 41 फीसदी वोट पाकर वाममोर्चा केवल 62 सीटें जीत पाया था तो तृणमूल कांग्रेस ने 48 फीसदी वोट के साथ 226 सीटें जीत ली थीं. इससे राज्य में 34 साल पुरानी वाममोर्चा की सरकार का अंत हो गया था. 

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जब वाममोर्चा ने बनाई थी बंगाल में सरकार

वहीं जब 1977 के चुनाव में वाममोर्चा ने पश्चिम बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बनाई थी तब भी राज्य में पिछले चुनाव की तुलना में 4.47 फीसदी अधिक मतदान हुआ था. उस चुनाव में वाममोर्चा ने 48 फीसदी वोट के साथ 225 सीटें जीती थीं और 23 फीसदी वोट के साथ 20 सीटें जीती थीं. 

ऊपर के दोनों उदाहरणों में राज्य में 48 फीसदी वोट लाने वाली पार्टी ने सरकार बनाई है.इतने वोट शेयर पर उस पार्टी को सीटें भी 225 से अधिक मिली हैं.लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी और तृणमूल दोनों को 40 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं. इसके बाद भी बीजेपी साधारण बहुमत के 148 सीटों से अधिक सीटें जीतती हुई नजर आ रही है. एग्जिट पोल में बीजेपी को 144-163 और तृणमूल को 122-140 सीटें मिलती हुई नजर आ रही हैं. दोनों दलों के वोट शेयर में अंतर भी करीब चार फीसदी का है, एग्जिट पोल के अनुमान पर अगर विश्वास करें तो यह अंतर बीजेपी की सरकार बनने के लिए पर्याप्त है. 

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