- बंगाल विधानसभा टीएमसी की सत्ता बरकरार रहेगी या बीजेपी पहली बार सरकार बनाएगी, यह आज साफ हो जाएगा.
- मतगणना के दौरान 294 सदस्यीय विधानसभा की 293 सीटों के परिणाम घोषित होंगे, एक सीट पर पुनर्मतदान बाद में होगा.
- प्रमुख राजनीतिक दल टीएमसी और भाजपा ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगाई, दोनों पक्ष अपनी जीत के लिए आश्वस्त हैं.
West Bengal Election Result: बंगाल BJP की वो चाहत है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई. यहां पार्टी शून्य से 77 सीटों तक तो पार्टी पहुंच चुकी है, लेकिन इस 77 को सत्ता तक लाने का काम इस बार पूरा होगा या नहीं, यह आज का दिन तय करेगा. देश की आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस, फिर 30 साल लेफ्ट और 15 साल टीएमसी की सत्ता रही है. लेकिन बीते कुछ सालों में बंगाल में बीजेपी का प्रभाव बड़ी तेजी से बढ़ा है. पिछले 5 साल से बीजेपी बंगाल में मुख्य विपक्षी पार्टी की भूमिका में रही. बीजेपी के तमाम नेताओं का कहना है कि इस बार बंगाल में बदलाव के वोट पड़ा है. लेकिन बंगाल में ममता दीदी को हराना आसान काम नहीं.
बंगाल में मोदी बनाम ममता की इस लड़ाई
करीब एक महीने तक चुनाव के लिए चले धुआंधार प्रचार के बाद अब सबकी नजरें सोमवार को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं. राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी.
सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरू होते ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं की धड़कनें और तेज हो जाएंगी. ये तीनों दल 2021 के चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाए थे, लिहाजा पांच साल के वनवास के बाद ये फिर से विधानसभा में अपनी वापसी की बाट जोह रहे हैं.
भारत निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी का हवाला देते हुए चुनाव रद्द कर दिया. इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा जबकि मतगणना 24 मई को होगी.
बंगाल में इस बार हुई सबसे अधिक वोटिंग
राज्य में दो चरण में हुआ चुनाव 29 अप्रैल को संपन्न हुआ. निर्वाचन आयोग के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद बंगाल में इस बार सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण 24 परगना के 15 बूथ पर पुनर्मतदान शनिवार को संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
SIR, 2.5 लाख फोर्स की मौत, नहीं हुई किसी की मौत
- चुनाव समाप्त होने के बाद भी राज्य का राजनीतिक माहौल गर्माया रहा, जिसकी वजह से परिणामों की घोषणा से पहले उत्सुकता और बढ़ गई है. दोनों प्रमुख दलों टीएमसी और भाजपा अपनी-अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं.
- ढाई लाख से अधिक केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती और पूरी तरह से पुनर्गठित राज्य पुलिस बल की मौजूदगी के चलते चुनाव के दौरान कम से कम हिंसा हुई और हाल के दशकों में राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार हिंसा में किसी की मौत नहीं हुई.
- पिछले 20 वर्षों में राज्य में हुआ यह पहला ऐसा चुनाव भी था, जो एक व्यापक लेकिन विवादास्पद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के बाद हुआ. एसआईआर के दौरान मतदाता सूची को संशोधित करते हुए 90 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए थे.
- सभी दलों के चुनावी भाग्य पर इस कवायद का क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है. विश्लेषक मतदाताओं की संभावित पसंद को समझने के लिए रात-दिन चर्चा कर रहे हैं और जनता भी इस बात को लेकर बेहद उत्साहित है कि चुनाव का परिणाम क्या होगा.

मोदी-शाह सहित पूरी BJP ने झोंक दी ताकत
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे शीर्ष नेताओं ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, घुसपैठ, महिलाओं की सुरक्षा और बेरोजगारी को लेकर तीखे हमले किए, साथ ही कल्याणकारी योजनाएं लागू करने का वादा भी किया.
TMC ने बाहरी, वोट काटने और विकास कार्यों का किया जिक्र
टीएमसी की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी ने पलटवार किया. उन्होंने एसआईआर के दौरान कथित उत्पीड़न, बंगालियों के साथ भेदभाव और “बाहरी” होने के मुद्दे पर जोर दिया. दोनों नेताओं ने भाजपा पर राष्ट्रीय स्तर पर अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया गया, साथ ही टीएमसी के विकास कार्यों का बार-बार जिक्र किया.

बंगाल चुनाव में कौन कितनी सीटों पर लड़ रही
- चुनाव में टीएमसी ने 291 सीट पर और अनित थापा के नेतृत्व वाले सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) ने दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्र में तीन सीट पर उम्मीदवार उतारे.
- भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चा ने सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि हुमायूं कबीर की एजेयूपी और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम जैसी पार्टियों ने भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे.
भवानीपुर सीट सहित इन बड़े नेताओं की सीट पर सबकी नजरें
भवानीपुर सीट पर सभी की नजरें हैं, जहां ममता बनर्जी और भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. इस विधानसभा क्षेत्र में डाले गए मतों की गिनती सखावत मेमोरियल केंद्र में होगी. भाजपा की ओर से दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, रूपा गांगुली और निशित प्रमाणिक जैसे नेता मैदान में हैं, जबकि टीएमसी के प्रमुख उम्मीदवारों में फिरहाद हकीम, कुणाल घोष, मदन मित्रा और उदयन गुहा शामिल हैं.
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