- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू होकर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी
- हर काउंटिंग रूम पर अलग-अलग निरीक्षक नियुक्त किए गए हैं और सभी अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा
- इस बार संविदा कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लगाया गया और बूथ एजेंट मतगणना की जिम्मेदारी निभाएंगे
पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आएंगे. सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. सबसे ज्यादा नजरें बंगाल में हैं. बंगाल में वोटों की गिनती के लिए किस तरह की व्यवस्था की गई है? ये सब जानने के लिए NDTV ने पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल से बात की. उन्होंने कहा कि काउंटिंग के दौरान कोई भी आरोप न लगें, इसलिए सभी अधिकारियों को चुनाव आयोग के सभी नियमों, विनियमों और अधिसूचनाओं का पालन करने का आदेश दिया है.
उन्होंने कहा कि सभी गाइडलाइंस का पूरी तरह से पालन करना होगा. काउंटिंग से पहले सभी अधिकारियों को प्रमाण पत्र देना होगा, ताकि मैं व्यक्तिगत रूप से जांच कर सकूं और सबकुछ ठीक हो. उन्होंने कहा कि अगर नियम-कानून का उल्लंघन दिखाई देता है तो मैं कड़ी कार्रवाई करूंगा.
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किस तरह है इस बार तैयारी?
NDTV से बात करते हुए मनोज अग्रवाल ने बताया कि 'हमारे पास 294 सीटें हैं. इनमें से 129 सीटें ऐसी हैं, जहां केवल एक काउंटिंग रूम है. इसलिए इसमें चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वर रहेगा. 165 सीटों पर दो काउंटिंग रूम हैं. इन दोनों केंद्रों में अलग-अलग ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं. यह पहली बार है जब हर एक काउंटिंग रूम के लिए दो अलग-अलग ऑब्जर्वर हैं. इस बार सभी 294 सीटों के लिए सभी काउंटिंग सेंटर पर अलग-अलग ऑब्जर्वर हैं.'
उन्होंने बताया कि इस बार संविदा कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लगाया गया है. उन्होंने कहा कि सारी लिस्टिंग और जोड़-घटाव का कम बूथ एजेंट को ही करना होगा. उन्होंने कहा कि हम निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.
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— NDTV India (@ndtvindia) May 3, 2026
सुरक्षा कैसी रहेगी?
काउंटिंग के लिए पूरे बंगाल में कड़ी सुरक्षा की गई है. सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. केंद्रीय बलों के साथ-साथ पुलिस को भी तैनात किया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था के बारे में मनोज अग्रवाल ने बताया कि सुरक्षा हमेशा की तरह सामान्य है. नियमों के अनुसार सीसीटीवी लगाए गए हैं. लाइव टेलीकास्ट नहीं होगा.
उन्होंने बताया कि राज्य में अभी भी पुलिस ऑब्जर्वर हैं. उनका कहना है कि यह सुरक्षा की तीसरी लेयर है. केंद्रीय बलों की तैनाती भी काउंटिंग सेंटर के बाहर बढ़ा दी गई है. राज्य की पुलिस को भी वहां बारी-बारी से तैनात किया गया है, ताकि हर कोई देश सके कि आरओ या डीओ की ओर से जारी प्रमाण पत्र या पहचान पत्र में कोई गड़बड़ी तो नहीं है.
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चुनावी हिंसा पर क्या बोले?
बंगाल में चुनावी हिंसा की खबरें अभी भी आ रही हैं. मनोज अग्रवाल ने बताया कि दो दिन पहले हमने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, पुलिस कमिश्नर, एसपी, डीएम, आरओ और पुलिस ऑब्जर्वर के साथ बैठक की थी. सभी को काउंटिंग से पहले और बाद में शांति बनाए रखने के लिए कहा गया था.
उन्होंने बताया कि बैठक में सभी को बोल दिया गया है कि काउंटिंग सुचारू रूप से होनी चाहिए. काउंटिंग के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि 'अर्धसैनिक बल तैनात हैं. चुनाव के बाद भी अर्धसैनिक बलों की 400-500 कंपनियां तैनात रहेंगी. हम तैयार हैं और हमने कार्यालय आयुक्तों को बता दिया है कि अगर आपके क्षेत्र मे कोई घटना होती है तो यह आपकी जिम्मेदारी होगी. हमने आपको सबकुछ दे दिया है. हमने आपको क्वारंटाइन रूट दे दिया है. जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा दे दी है.'
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