असम (Assam) की एक अदालत ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी (Gujarat MLA Jignesh Mevani) को एक महिला कांस्टेबल पर कथित हमले के "निर्मित मामले" ("manufactured case") में फंसाने की कोशिश करने के लिए राज्य पुलिस की कड़ी आलोचना की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्वीट के मामले में असम की एक अन्य अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के तुरंत बाद 25 अप्रैल को असम पुलिस ने एक "निर्मित" हमले के मामले में जिग्नेश को गिरफ्तार कर लिया था. उस मामले में असम के बारपेटा की अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए शुक्रवार (29 अप्रैल) को यह टिप्पणी की.
इतना ही नहीं, बारपेटा सेशन कोर्ट ने मेवाणी को जमानत देने के अपने आदेश में गुवाहाटी हाईकोर्ट से राज्य में हाल के दिनों में पुलिस की ज्यादतियों के खिलाफ एक याचिका पर विचार करने का भी अनुरोध किया है.
-
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
सत्र अदालत ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से यह भी आग्रह किया है कि वह असम पुलिस को बॉडी कैमरा पहनने और अपने वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दे ताकि किसी आरोपी को हिरासत में लिए जाने पर घटनाओं के क्रम को रिकॉर्ड किया जा सके.
'झुकेगा नहीं' : जमानत मिलने के बाद 'पुष्पा' की स्टाइल में बोले गुजरात MLA जिग्नेश मेवानी
सत्र न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश चक्रवर्ती ने अपने आदेश में कहा, "हमारे मेहनत से अर्जित लोकतंत्र को पुलिस राज्य में बदलना अकल्पनीय है." अदालत ने कहा, "अगर तत्काल मामले को सच मान लिया जाता है और मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज महिला के बयान के मद्देनजर ... जो नहीं है, तो हमें देश के आपराधिक न्यायशास्त्र को फिर से लिखना होगा."
कोर्ट ने कहा, "FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) के विपरीत, महिला कॉन्स्टेबल ने विद्वान मजिस्ट्रेट के सामने एक अलग कहानी बताई है... महिला की गवाही को देखते हुए ऐसा लगता है कि आरोपी जिग्नेश मेवाणी को लंबी अवधि के लिए हिरासत में रखने के उद्देश्य से तत्काल मामला बनाया गया है. यह अदालत की प्रक्रिया और कानून का दुरुपयोग है."
गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी को जमानत मिलने के बाद दूसरे केस में गिरफ्तार
असम में भाजपा सत्ताधारी पार्टी है. मेवाणी ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी के खिलाफ ट्वीट्स पर उनकी गिरफ्तारी और महिला कांस्टेबल पर बाद में कथित हमले के पीछे भाजपा का ही हाथ है, जिसे अदालत ने अब "निर्मित मामला" करार दिया है. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा ने 'एक महिला का इस्तेमाल कर' उनके खिलाफ "मामला" दर्ज करके 'कायरतापूर्ण काम' किया है. उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान दक्षिण भारत की मूवी पुष्पा के एक डॉयलॉग बोलते कहा कि 'मैं झुकेगा नहीं.'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं