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This Article is From Apr 30, 2022

उत्तर प्रदेश: RTI के तहत 5 साल तक सूचना देने में देरी करने पर अफसर पर लगा अनोखा जुर्माना !

राज्य सूचना आयुक्त ने पूरा मामला जानने के बाद मौजूदा पदधारी चंद्रिका प्रसाद पर जुर्माना लगा दिया. हालांकि इस देरी में उनकी कोई गलती नहीं थी लेकिन उसी पद पर रहने वाले अधिकारी ने बीते 5 साल तक सूचना मांगने वाले को कई बार दौड़ाया था.

उत्तर प्रदेश: RTI के तहत 5 साल तक सूचना देने में देरी करने पर अफसर पर लगा अनोखा जुर्माना !
आदेश के बाद 29 अप्रैल को जन सूचना अधिकारी ने 250 बच्चों को अपने खर्च से भोजन कराया.
वाराणसी:

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजीपुर जनपद में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी देने में देरी करने पर  जनसूचना अधिकारी पर अनोखा जुर्माना लगाया गया है. राज्य सूचना आयुक्त ने देरी से सूचना देने वाले अधिकारी पर ढाई सौ बच्चों को भोजन कराने का जुर्माना लगाया है.

यह पूरा मामला गाज़ीपुर जनपद के मरदह ब्लॉक के नोनरा ग्रामसभा का है, जहां 2016 में नोनरा ग्राम सभा के भूपेंद्र कुमार पांडे, जो स्थानीय कोटेदार भी हैं, ने ग्राम विकास में सरकारी धन के सापेक्ष कार्यों के संदर्भ में 8 बिंदु की सूचना नियमानुसार मांगी थी, जिसे तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी/ जन सूचना अधिकारी ने किन्ही कारणवश उपलब्ध नहीं कराया और यह मामला चलता रहा.

उनके ट्रांसफर के बाद चंद्रिका प्रसाद,  जनवरी 2021 में नए जनसूचना अधिकारी बनकर आए तो उन्हें कुछ महीने बाद इस मामले की जानकारी हुई. तब उन्होंने मांगी गई 8 बिंदुवार सूचनाएं दे दीं लेकिन मामले में 5 साल बीत जाने के बाद दी गई सूचना पर राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना मांगने वाले और वर्तमान जन सूचना अधिकारी को तलब किया. 

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राज्य सूचना आयुक्त ने पूरा मामला जानने के बाद मौजूदा पदधारी चंद्रिका प्रसाद पर जुर्माना लगा दिया. हालांकि इस देरी में उनकी कोई गलती नहीं थी लेकिन उसी पद पर रहने वाले अधिकारी ने बीते 5 साल तक सूचना मांगने वाले को कई बार दौड़ाया था. लिहाजा राज्य सूचना आयुक्त ने एक मिसाल पेश करने के लिए वर्तमान सूचना आयुक्त पर प्रतीकात्मक रूप से दंड लगाते हुए  नोनर प्राथमिक विद्यालय के सभी छात्रों को भोजन करवाने का निर्देश दिया.

इस आदेश के बाद 29 अप्रैल को जन सूचना अधिकारी ने विद्यालय के ढाई सौ बच्चों के साथ प्राथमिक विद्यालय में मौजूद सभी बच्चों को अपने खर्च से मध्यान्ह भोजन कराया और फल भी खिलाया. इस अनोखे तरीके के जुर्माने को लेकर पूरे जनपद में चर्चा का विषय है क्योंकि यह एक ऐसा जुर्माना लगा जिसमें जुर्माना देने वाला और लेने वाले के साथ इलाके के सभी लोग खुश हैं.


 

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