- संसद परिसर में NDA सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत-अमेरिका टैरिफ डील के लिए सम्मानित किया.
- केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस डील को भारत की आर्थिक और कूटनीतिक ताकत का प्रमाण बताया.
- रिजिजू ने कहा कि भारत ने मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, UK, न्यूजीलैंड सहित कई देशों के साथ महत्वपूर्ण ट्रेड डील की हैं.
ऐतिहासिक भारत‑अमेरिका टैरिफ डील के ऐलान के बाद आज संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान किया. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने एनडीए की ओर से पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता भारत की आर्थिक शक्ति, कूटनीतिक क्षमता और वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है. उन्होंने इसे नए युग की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी करार दिया.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बीते कुछ समय में भारत ने दुनिया के कई अहम देशों के साथ महत्वपूर्ण ट्रेड डील्स की हैं. उन्होंने सूची गिनाते हुए कहा-
- इंडिया‑मॉरिशस
- इंडिया‑ऑस्ट्रेलिया
- इंडिया‑यूके
- इंडिया‑न्यूजीलैंड
- और कल रात हुई ऐतिहासिक इंडिया‑US टैरिफ डील
ये दर्शाता है कि भारत आज वैश्विक व्यापार में एक निर्णायक शक्ति बन चुका है.
यह भी पढ़ें- US टैरिफ डील से चीन,पाकिस्तान और बांग्लादेश से कैसे आगे निकला भारत? ऐसे मिलेगा फायदा
'दुनिया में भारत के बढ़ते कद का नतीजा हैं ट्रेड डील्स'
रिजिजू ने कहा कि यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि दुनिया में भारत का कद निरंतर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इतने देशों का भारत के साथ साझेदारी आगे बढ़ाने की इच्छा दिखाना हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व की सफलता है. उनके अनुसार, इन ट्रेड डील्स से भारत को आने वाले वर्षों में बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा और देश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी.
US ने कल रात ही घटाया है भारत पर टैरिफ
बता दें कि सोमवार रात US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया, जिसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ताओं में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद की, जिसके बाद उन्होंने लिखा कि यह फैसला 'दोस्ती और सम्मान' के आधार पर लिया गया है. यह कटौती तुरंत प्रभाव से लागू होगी, और इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिका में स्पष्ट प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी. खासतौर पर चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे एशियाई निर्यात प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले, जिन पर अब भी कहीं अधिक शुल्क लगता है.
टैरिफ में कमी के साथ ही अमेरिका ने वह 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क (Penalty Tariff) भी हटाया है जो भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर लगाया गया था. ट्रंप प्रशासन ने पुष्टि की कि भारत ने अब रूसी तेल खरीद रोकने और अमेरिकी ऊर्जा सहित कई श्रेणियों में बड़े पैमाने पर आयात बढ़ाने पर सहमति दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम एक बड़े आर्थिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल व्यापारिक अनिश्चितताओं को दूर करता है, बल्कि भारत‑अमेरिका रिश्तों में नए चरण की शुरुआत भी दर्शाता है. इस फैसले से भारतीय बाजार भावना सुधरी है और निर्यात‑उन्मुख उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं