विज्ञापन

Uri, Balakot और Sindoor: पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 3 बड़े एक्शन ने कैसे बदली देश की रणनीतिक छवि?

Uri, Balakot और Sindoor... इन तीनों ऑपरेशन ने भारत की सुरक्षा नीति की छवि बदल दी. पहले भारत सिर्फ कूटनीतिक विरोध तक सीमित रहता था. लेकिन अब भारत ने यह दिखाया कि जवाब सिर्फ बयान से नहीं होगा. बल्कि आतंक को पनाह देने वालों को घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा.

Uri, Balakot और Sindoor: पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 3 बड़े एक्शन ने कैसे बदली देश की रणनीतिक छवि?
नई दिल्ली:

एक दौर था जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों के बाद भारत पर 'संयम' दिखाने का दबाव रहता था. लेकिन पिछले एक दशक में भारत की प्रतिक्रिया का तरीका पूरी तरह बदल गया. 2016 में उरी सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश दिया कि अब भारत सिर्फ सीमा पर जवाब नहीं देता, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर हमला भी करता है.

तीनों ऑपरेशन अलग थे, लेकिन एक चीज कॉमन रही- पाकिस्तान को यह बताना कि आतंकी हमलों की कीमत चुकानी पड़ेगी.

1. Uri Surgical Strike: LOC पार कर आतंकियों के लॉन्च पैड तबाह

सितंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के कैंप पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 19 जवान शहीद हुए. इसके जवाब में भारत ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की घोषणा की.

ऑपरेशन का तरीका

भारतीय सेना के स्पेशल फोर्स कमांडो रात के अंधेरे में LOC पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसे और आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया.

यह भी पढ़ें- ब्रह्मोस की मार से आज तक उबर नहीं पाया पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के इन 3 हथियारों का दुनिया में नाम

टारगेट कितने गहरे थे?

टारगेट LOC के पार थे, लेकिन पाकिस्तान के भीतर बहुत ज्यादा अंदर नहीं. कार्रवाई मुख्य रूप से PoK तक सीमित रही.

क्या मैसेजिंग हुई?

भारत ने साफ कहा कि यह प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक थी, ताकि आतंकियों को भारत में घुसने से पहले खत्म किया जा सके. यह पहली बार था जब भारत ने खुले तौर पर सीमा पार सैन्य कार्रवाई स्वीकार की.

ऑपरेशन का मकसद

  • आतंकियों के लॉन्च पैड नष्ट करना.
  • पाकिस्तान को चेतावनी देना.
  • भारत की 'नई सुरक्षा नीति' का संकेत देना.

2. Balakot Airstrike: पहली बार पाकिस्तान के भीतर एयर स्ट्राइक

फरवरी 2019 में पुलवामा हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए. इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई को और बड़े स्तर पर पहुंचाया.

ऑपरेशन का तरीका

भारतीय वायुसेना ने लड़ाकू विमानों से एयर स्ट्राइक की. Mirage-2000 विमानों ने प्रिसिजन गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया.

Latest and Breaking News on NDTV

टारगेट कितने गहरे थे?

यह कार्रवाई सिर्फ PoK तक सीमित नहीं रही. भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट तक हमला किया, जो LOC से काफी अंदर था.

क्या मैसेजिंग हुई?

भारत ने कहा कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप को निशाना बनाया, न कि पाकिस्तानी सेना या नागरिकों को. मैसेज साफ था- अगर हमला होगा तो भारत सीमा की परवाह किए बिना जवाब देगा.

यह भी पढ़ें- 6-7 मई की वो रात: जब न्यूजरूम में सिर्फ खबर नहीं, भारत का शौर्य चमक रहा था

ऑपरेशन का मकसद

  • पुलवामा हमले का जवाब
  • आतंकी ढांचे को नुकसान पहुंचाना
  • पाकिस्तान की 'न्यूक्लियर ब्लैकमेल' रणनीति को चुनौती देना

3. Operation Sindoor: सिर्फ जवाब नहीं, रणनीतिक संदेश भी

Operation Sindoor को भारत की अब तक की सबसे आक्रामक और बहु-स्तरीय प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है. पहलगाम हमले के जवाब में तीनों सेनाओं ने यह ऑपरेशन किया. 

ऑपरेशन का तरीका

इस ऑपरेशन में सिर्फ एक सीमित स्ट्राइक नहीं, बल्कि कई स्तरों पर सैन्य क्षमता का इस्तेमाल दिखा. ड्रोन, मिसाइल, प्रिसिजन हथियार और इंटेलिजेंस आधारित टारगेटिंग का संयोजन देखने को मिला. भारत इस बार सिर्फ PoK तक सीमित नहीं रहा बल्कि पाकिस्तान के अंदर घुसकर भी वार किया गया. 

टारगेट कितने गहरे थे?

टारगेट सिर्फ सीमा के पास नहीं, बल्कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी ढांचे और रणनीतिक ठिकानों तक फैले बताए गए. यह संदेश दिया गया कि भारत अब 'डीप स्ट्राइक कैपेबिलिटी' भी रखता है.

Latest and Breaking News on NDTV

क्या मैसेजिंग हुई?

इस बार संदेश सिर्फ पाकिस्तान के लिए नहीं था, बल्कि दुनिया के लिए भी था. भारत अब आतंकवाद को 'लो-कॉस्ट वॉर' नहीं मानता और हर हमले का जवाब अपनी शर्तों पर देगा.

यह भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ शुरुआत है, पढ़िए आतंक के खिलाफ भारतीय सेना का प्लान

ऑपरेशन का मकसद

  • आतंकी नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाना
  • पाकिस्तान की रणनीतिक सोच पर दबाव बनाना
  • भारत की नई सैन्य और राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाना

कैसे बदली भारत की छवि?

इन तीनों ऑपरेशन ने भारत की सुरक्षा नीति की छवि बदल दी. पहले भारत को अक्सर 'रिएक्टिव' देश माना जाता था, जो आतंकी हमलों के बाद कूटनीतिक विरोध तक सीमित रहता है. लेकिन अब भारत ने यह दिखाया कि: जवाब सिर्फ बयान से नहीं होगा. LOC और अंतरराष्ट्रीय सीमा भारत के लिए 'अछूत' नहीं हैं. आतंक और उसके संरक्षकों के बीच फर्क नहीं किया जाएगा. सैन्य कार्रवाई भी राजनीतिक विकल्प बन सकती है. यही वजह है कि आज भारत की रणनीतिक छवि एक ऐसे देश की बन रही है जो जरूरत पड़ने पर आतंकियों के घर में घुसकर मारने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com