जी20 में दिल्ली घोषणा पत्र पर आम सहमति बनना भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि की बात है. यह उपलब्धि काफी मशक्कत के बाद मिली है. इसके लिए मैराथन बैठकों का दौर चला, विचार विमर्श हुआ. कई तरह की राय आईं. इसके बाद एक डिक्लेरेशन का ड्राफ्ट बना. फिर उसे राष्ट्र अध्यक्षों के सामने पेश किया गया. इस पर आम सहमति बन गई.
यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर इसमें सात पैरा हैं और उनमें तमाम ऐसी बात लिखी गई हैं जो युद्ध के खामियाजे के तौर पर निकलकर सामने आई हैं. यूक्रेन को लेकर पहले पैरा में यूएन चार्टर का हवाला देकर साफ लिखा गया है, किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता को खंडित करने के लिए ताकत का प्रयोग गैरवाजिब है. जाहिर सी बात है कि यह जो पैरा है, यूक्रेन के पक्ष में है. चूंकि यूक्रेन के पक्ष में पैरा है तो पश्चिमी देशों के पक्ष में है और अमेरिका के पक्ष में है. इस तरह अमेरिका और पश्चिमी देशों को साधा गया.
-
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
बदलती दुनिया, बदलते रिश्ते और वो मुद्दे जो दुनिया की तकदीर तय करते हैं... देखिए NDTV World Summit -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर चर्चा, एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
दिल्ली डिक्लेरेशन में यूक्रेन : US सहित पश्चिमी देशों और रूस के बीच भारत का बहुत संतुलित रुख#G20onNDTV #G20Summit2023 #G20Summit #G20SummitDelhi #NdtvG20 @umashankarsingh @Saurabh_Unmute pic.twitter.com/YIOP2iau86
— NDTV India (@ndtvindia) September 9, 2023
भारत ने घोषणा पत्र मे रूस के पक्ष को भी साधा
आगे के पैरा में लिखा है कि जी20 का फोरम अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का फोरम है, न कि जियो पॉलिटिकल मसलों का. यह बात कहकर रूस के पक्ष को साधा गया क्योंकि रूस कहता रहा है कि जी20 को जियो पॉलिटिकल मसलों से दूर रखना चाहिए क्योंकि यह आर्थिक मंच है.
यूक्रेन युद्ध से किस तरह खाद्यान्न संकट पैदा हो रहा है, किस तरह अफ्रीकी देशों को, जहां यूएन जैसे संगठन के जरिए अनाज पहुंचता है, दिक्कत हो रही है. इसकी बात कही गई है. यह भी जिक्र किया गया है कि काला सागर अनाज समझौता किस तरह हुआ. इसमें तुर्की और यूएन की तारीफ भी की गई है. समझौता टूटने पर अपील भी की गई है कि इसे फिर से लागू किया जाए.
दिल्ली घोषणा पत्र एक अहम बुनियाद बना
तमाम बातों के जरिए यह जताने की कोशिश की गई है कि भारत एक संतुलित पक्ष लेकर चल रहा है और इसी संतुलन के साथ इसमें भाषा को साधा गया है, यह अपने आप में एक अहम बुनियाद बना. जिसकी वजह से इस पर आम सहमति बनी है. यह भी कहा गया है कि सहमति बनाने में चीन जैसे देशों का अहम सहयोग रहा.
इसमें सैन्य ताकत के इस्तेमाल को गलत बताया गया है. ऐसी तमाम बातें इसमें हैं जो आज की दुनिया को चाहिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं