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ट्विशा की मौत मिस्ट्री जिस जमानत याचिका से गहराई, उसमें सास ने ऐसा क्या लिखा था?

ट्विशा शर्मा मौत मामले में उनकी सास की जमानत याचिका ने नया मोड़ ला दिया है, जिसमें ट्विशा पर नशे की लत के चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं. ट्विशा के परिवार और पुलिस जांच ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

ट्विशा की मौत मिस्ट्री जिस जमानत याचिका से गहराई, उसमें सास ने  ऐसा क्या लिखा था?
  • रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा का शव ससुराल में फांसी पर लटका मिला था
  • आरोपी सास ने जमानत याचिका में ट्विशा पर ड्रग्स की लत और चिड़चिड़े व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए
  • बचाव पक्ष ने ट्विशा के मानसिक इलाज के दस्तावेज कोर्ट में पेश किए और दहेज प्रताड़ना के आरोप खारिज किए हैं
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भोपाल के एक हाई-प्रोफाइल परिवार में एक महिला की दुखद आत्महत्या से शुरू हुआ मामला अब आरोपों, जवाबी आरोपों और कई अनुत्तरित सवालों की कड़वी कानूनी लड़ाई में बदल गया है. रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा का शव कटारा हिल्स के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित ससुराल में फांसी पर लटका मिला था. घटना के छह दिन बाद भी ट्विशा के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है. उनका विरोध उस जांच को लेकर है, जिसे वे निष्पक्ष नहीं मानते. वे आरोपी सास को मिली अग्रिम जमानत और ट्विशा के पति समर्थ सिंह के अब तक फरार रहने पर भी सवाल उठा रहे हैं.

सास की ओर से दाखिल जमानत अर्जी में क्या-क्या?

मामले ने उस वक्त और गंभीर मोड़ ले लिया, जब जिला अदालत में गिरीबाला सिंह की ओर से दाखिल जमानत आवेदन की बातें सामने आईं. इस याचिका में आरोपी सास ने ट्विशा पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वह ड्रग्स की आदी थी और जब उसे नशा नहीं मिलता था तो उसके हाथ कांपने लगते थे. आवेदन में यह भी कहा गया कि ऐसे हालात में ट्विशा चिड़चिड़ा व्यवहार करने लगती थी.

इन आरोपों ने ट्विशा के परिवार को और गुस्से से भर दिया है. परिवार का कहना है कि एक मृत महिला के चरित्र पर उस समय सवाल उठाए जा रहे हैं, जब वह खुद अपना बचाव करने के लिए जीवित नहीं है.

जमानत आवेदन के अनुसार, ट्विशा 17 अप्रैल 2026 की सुबह फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. वह 18 अप्रैल को अपने मायके पहुंची और कथित तौर पर करीब 12 घंटे तक लापता रही. याचिका में दावा किया गया है कि पूछने पर उसने यह नहीं बताया कि वह इस दौरान कहां थी.

ट्विशा की मेंटल हेल्थ का भी जिक्र

बचाव पक्ष ने मानसिक इलाज से जुड़े दस्तावेजों का भी हवाला दिया है. दावा किया गया है कि ट्विशा का इलाज डॉ. सत्यकाम त्रिवेदी के पास चल रहा था और उसे काउंसलर काकोली रॉय के पास भी भेजा गया था. गिरीबाला सिंह की ओर से कोर्ट में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी पेश किए गए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि ट्विशा को उसकी जरूरत के अनुसार नियमित रूप से पैसे दिए जाते थे. ये रकम 5 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक बताई गई है.

जमानत आवेदन में दहेज प्रताड़ना के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि ट्विशा से कभी किसी तरह के दहेज की मांग नहीं की गई. सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह के वकील ने यह भी तर्क दिया कि ट्विशा गर्भवती थी और गर्भधारण के बाद ससुराल पक्ष के प्रति उसका व्यवहार बदल गया था. बचाव पक्ष ने दावा किया कि परिवार उसकी मेडिकल देखभाल कर रहा था और घटना वाले दिन उसका पति ही उसे ब्यूटी पार्लर लेकर गया था. कोर्ट में पेश जानकारी के अनुसार, ट्विशा का बाद में गर्भपात हो गया था.

ट्विशा के परिजनों ने ड्रग्स के आरोपों को किया खारिज

लेकिन ट्विशा के परिवार ने ड्रग एडिक्शन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. ट्विशा की मां रेखा शर्मा ने कहा, 'नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं था. वह बहुत प्यारी बच्ची थी और उसे किसी तरह की लत नहीं थी.' ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह बेहद प्रतिभाशाली और जिंदगी से भरी हुई थी. ड्रग्स जैसी कोई बात बिल्कुल नहीं थी. जांच कर रहे अधिकारी, एडिशनल कमिश्नर रजनीश कश्यप ने भी कहा है कि अब तक की जांच में ऐसे कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं. 

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने इससे भी आगे बढ़कर तत्काल और स्वतंत्र हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा, 'हम मांग करते हैं कि शव खराब होने से पहले तुरंत दूसरा पोस्टमॉर्टम कराया जाए. वे ड्रग्स के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन ये आरोप झूठे हैं. सच तो यह है कि अगर ड्रग्स से जुड़ा कोई मामला बनता है, तो वह उनके बेटे के खिलाफ बनना चाहिए, क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि वह बड़ा ड्रग एडिक्ट है. मुझे पूरा शक है कि यह हत्या है.'

11 मई की शाम ट्विशा ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर घर लौटी थी. बताया जाता है कि वह टीवी देख रही थी, तभी उसकी मां का फोन आया. फोन पर बात करते हुए वह छत पर चली गई. कुछ देर बाद कॉल कट गया. रात करीब 10:30 बजे ट्विशा फांसी पर लटकी मिली.

ट्विशा के परिवार का दावा है कि अंतिम बातचीत के दौरान वह परेशान लग रही थी. परिजनों का आरोप है कि इतने संवेदनशील मामले में पुलिस ने जरूरी तत्परता नहीं दिखाई, खासकर ट्विशा के पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी को लेकर, जो घटना के बाद से फरार है.

परिवार ने मांग की है कि जांच मध्य प्रदेश से बाहर की एजेंसी या पुलिस से कराई जाए. वे चाहते हैं कि ट्विशा का दूसरा पोस्टमॉर्टम एम्स दिल्ली में हो. परिजनों का कहना है कि जब वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे, तो थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनसे ठीक से बात तक नहीं की. उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी की है.

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