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This Article is From Aug 10, 2018

आज राज्यसभा में पेश होगा ट्रिपल तलाक बिल, पास न होने पर यह है BJP का प्लान-B, 10 बातें

मोदी कैबिनेट ने ट्रिपल तलाक संशोधन बिल (triple talaq bill) को मंजूरी दे दी है और आज मोदी सरकार ट्रिपल तलाक संशोधन बिल संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में पेश करेगी.

आज राज्यसभा में पेश होगा ट्रिपल तलाक बिल, पास न होने पर यह है BJP का प्लान-B, 10 बातें
आज राज्यसभा में पेश होगा ट्रिपल तलाक संशोधन बिल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली:
  1. आज मोदी सरकार ट्रिपल तलाक (triple talaq bill) यानी तीन तलाक बिल को राज्यसभा में पेश करेगी और इसे पास कराने की पूरी कोशिश करेगी. मगर पास न होने की स्थिति में भी सरकार के पास प्लान बी है. सरकार के सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि अगर विपक्ष इस बिल को पास नहीं कराने देता है तो सरकार इसे कानून जामा पहनाने के लिए अध्यादेश लाएगी या फिर आपातकालीन कार्यकारी आदेश लाएगी. 
    सूत्रों के अनुसार, सरकार तीन तलाक बिल को संसद के दोनों सदनों में पारित कराने के लिए एक दिन का सत्र भी बढ़ा सकती है. 
  2. गुरुवार को मोदी कैबिनेट ने तीन तलाक बिल पर राजनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए विवादित बिल में अहम संशोधनों को मंज़ूरी दे दी. अब संशोधित बिल में पीड़िता या उसके खून के रिश्ते के किसी शख्स को एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा. साथ ही मजिस्ट्रेट को ज़मानत देने का अधिकार होगा और कोर्ट की इजाज़त से समझौते का भी प्रावधान होगा.
  3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक एक गैर-ज़मानती अपराध बना रहेगा. हालांकि मजिस्ट्रेट के पास दोषी को ज़मानत देने का अधिकार होगा. रविशंकर प्रसाद ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से नए बिल को समर्थन देने की अपील भी की.
  4. विपक्ष के विरोध की वजह से ये बिल राज्यसभा में लंबे समय से अटका पड़ा है. हालांकि इसे लोकसभा में सरकार पारित करा चुकी है. कांग्रेस और एनसीपी ने सरकार के फैसले पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. 
  5. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने एनडीटीवी से कहा कि सरकार ने जो बदलाव किया है वो आंशिक तौर पर ही कांग्रेस की चिंताओं को दूर करता है और बिल जब राज्यसभा में आएगा जब पार्टी अपना रुख साफ करेगी.
  6. जबकि एनसीपी नेता माजिद मेनन ने एनडीटीवी से कहा, "इस फैसले से कुछ राहत को ज़रूर है लेकिन इस बिल को राज्यसभा की सेलेक्ट कमेती को भेजा जाना चाहिये. कैबिनेट के फैसले के बाद भी कई पहलुओं को लेकर हमारी चिंताएं हैं. जब ये बिल राज्यसभा में आएगा तब हम इस पर अपना रुख साफ करेंगे."
  7. कैबिनेट के फैसले ने इस संवेदनशील और विवादित बिल पर फिर एक बड़ी बहस छेड़ दी है. जाने-माने वकील केटीएस तुलसी ने कहा कि पर्सनल लॉ में दंड का प्रावधान नहीं होना चाहिये और वो किसी भी तरह से ट्रिपल तलाक बिल में किसी दंड के प्रावधान को शामिल करने के सख्त खिलाफ हैं. अब देखना होगा कि सरकार नए बिल पर राजनीतिक सहमति बनाने में किस हद तक कामयाब हो पाती है.
  8. गौरतलब है कि ट्रिपल तलाक बिल को पहले ग़ैरज़मानती अपराध माना गया था. इसमें दोषी पाए जाने पर तीन साल की जेल के अलावा जुर्माना देने का प्रावधान था. कानून के मुताबिक, एक बार में तीन तलाक या 'तलाक ए बिद्दत' पर लागू होगा और यह पीड़िता को अपने तथा नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से गुहार लगाने की शक्ति दी गई. 
  9. इस काननू के तहत पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है और मजिस्ट्रेट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करेंगे. मसौदा कानून के तहत, किसी भी तरह का तीन तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) गैरकानूनी होगा. 
  10. मसौदा कानून के अनुसार, एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी और शून्य होगा और ऐसा करने वाले पति को तीन साल के कारावास की सजा हो सकती है. यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध होगा.
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