महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग देश के कानून और संविधान को नहीं मानते, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है.
UCC और ट्रिपल तलाक पर साधा निशाना
नितेश राणे ने कहा कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पहले ही फैसला ले चुकी है, लेकिन कुछ नेता अब भी धार्मिक ग्रंथों का हवाला देकर समान नागरिक संहिता का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूसीसी का जिक्र भारत के संविधान में है, फिर भी कुछ लोग अपने फायदे के लिए संविधान की बात करते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे नजरअंदाज कर देते हैं.
'संविधान नहीं मानते तो इस्तीफा दें'
नितेश राणे ने अपने बयान में कहा कि जो लोग देश के कानून और संविधान का पालन नहीं करना चाहते, उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने आगे यह भी कहा कि ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए. उनके इस बयान को लेकर सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है.
भाजपा नेता ने कहा कि जो लोग हिंदू धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए. उन्होंने धार्मिक मुद्दों पर विपक्षी नेताओं को घेरते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में धर्म परिवर्तन की बात नहीं कही गई है.
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
नितेश राणे पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. उन्होंने भगवद् गीता और इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि सनातन धर्म में दूसरों का धर्म बदलने की बात नहीं है. साथ ही उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के उदाहरण दिए.
मदरसों को लेकर भी जताई कड़ी राय
राणे ने मदरसों को लेकर भी तीखा बयान दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसे शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि आतंकवादियों के अड्डे हैं. उन्होंने पुलिस से ऐसे स्थानों पर कार्रवाई करने की बात कही और कहा कि कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को सम्मान दिलाने की जिम्मेदारी उनकी होगी.
बकरीद पर भी दिया था बयान
बकरीद के मौके पर भी नितेश राणे ने हाउसिंग सोसायटियों में कुर्बानी देने को लेकर सख्त बयान दिया था. उन्होंने ऐसी स्थिति में बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इस पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार करते हुए इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया था.
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