- मार्च में दिल्ली और उत्तर भारत में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक रहकर सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज
- पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से आठ से दस डिग्री अधिक चल रहा है, जिसके बाद गिरावट की संभावना है
- उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से पांच से सात डिग्री ऊपर बना हुआ है
मौसम इस बार अजीब रंग दिखा रहा है. मार्च में ही गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर भारत से लेकर मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों तक तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर जा चुका है, जबकि पूर्वोत्तर में जल्द ही बादलों की गरज और तेज हवाओं का दौर शुरू होने वाला है. दिल्ली में तो हालात इस कदर बदले कि राजधानी ने सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज कर लिया. पश्चिमी विक्षोभ, लगातार बढ़ते तापमान मिलकर आने वाले दिनों में देशभर के मौसम का मिजाज और भी तेज करने की तैयारी में हैं. राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सीज़न का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 34.4°C पहुंच गया. यह सामान्य से 7 डिग्री अधिक रहा और गुरुवार के 34.3°C के रिकॉर्ड को पार कर गया.
दिल्ली में अगले दिनों में और ऊपर चढेगा पारा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने और धूप तेज रहने के संकेत हैं, जिससे दिल्ली में तापमान और बढ़ेगा. स्काईमेट के महेश पलावत ने बताया कि हवा की गति भी बढ़ने की संभावना है, जिससे अधिकतम तापमान में और वृद्धि हो सकती है. मौसम विभाग ने शनिवार को अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम 17°C रहने का अनुमान जताया है. दिल्ली में शनिवार को एक्यूआई के ‘खराब' श्रेणी में पहुंचने की संभावना जताई है. कुल मिलाकर, राजधानी में गर्मी अपने शुरुआती चरण में ही सामान्य से कहीं ज्यादा तेज दिख रही है.
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पश्चिमी हिमालय में तापमान सामान्य से 8–10° अधिक
देश के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में तापमान इन दिनों सामान्य से 8 से 10°C अधिक चल रहा है. यह स्थिति लगभग चार दिन तक और बनी रह सकती है, लेकिन इसके बाद तापमान में गिरावट का अनुमान है. 7 से 12 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे इन इलाकों में हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर बर्फबारी होने की संभावना है. इससे तापमान में 5 से 7°C तक कमी आ सकती है. इन राज्यों के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों में तापमान सामान्य से 8 से 12 डिग्री अधिक रहा.
उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत में भी तापमान सामान्य से ऊपर
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 से 7°C ऊपर चल रहा है. केंद्रीय भारत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और आसपास के इलाके में यह बढ़त 4 से 6°C तक देखी जा सकती है, जो अगले 7 दिन तक जारी रह सकती है. महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तापमान 37 से 39°C तक पहुंच गया है. कोकण क्षेत्र में उष्ण लहर यानी ‘हीट वेव' जैसी परिस्थितियां भी दर्ज की गईं. झारसुगुड़ा (ओडिशा) देश में सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.6°C दर्ज किया गया.
इस समय उत्तरी भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू व आसपास के क्षेत्रों पर प्रभाव डाल रहा है. 9 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करेगा, जिससे मौसम में परिवर्तन आएगा. इन सभी प्रणालियों के चलते तापमानों में उतार-चढ़ाव और स्थानीय स्तर पर आंधी, बारिश, ओलावृष्टि व बिजली गिरने जैसी घटनाओं की संभावना बनी हुई है.
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कई राज्यों में हीटवेव, कई में बारिश-बिजली का खतरा
अगले 24–48 घंटों में हिमाचल प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में हीट वेव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं. ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु में ‘ऊष्मा परिस्थिति' यानी गर्म हवाओं का प्रभाव जारी रहेगा. 8 मार्च से झारखंड, ओडिशा, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज़ हवाएं (40–50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है. वहीं 9–10 मार्च को बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी आंधी-बिजली के आसार हैं. जबकि राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़कर हीटवेव का रूप ले सकता है.
उत्तर-पूर्व में बारिश से गिरेगा तापमान, पश्चिम भारत में गर्मी बढ़ेगी
पूर्वोत्तर राज्यों में 3 दिन तक तापमान में अधिक बदलाव नहीं होगा, लेकिन थंडरस्टॉर्म एक्टिविटी के बाद तापमान 3–5°C तक नीचे आ सकता है. इसके विपरीत, गुजरात और महाराष्ट्र में अगले 7 दिन तक तापमान में 2–3°C की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है. मध्य भारत में दो दिन तापमान बढ़ेगा, फिर स्थिर रहेगा. देश के बाकी हिस्सों में अगले सप्ताह कोई बड़ी चेतावनी नहीं है, लेकिन स्थानीय मौसम उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.
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